Muslim Woman Kanwar Yatra: अरूण चाहल/अमरोहा: महाशिवरात्रि के पावन पर्व से ठीक पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अमरोहा और संभल में आस्था और सामाजिक सौहार्द की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है. यह गंगा-जमुनी तहजीब की अनोखी मिसाल है. संभल की रहने वाली एक मुस्लिम महिला, तमन्ना मलिक, बुर्का पहनकर हरिद्वार से पैदल कांवड़ लेकर आ रही हैं. शनिवार सुबह जब उनका काफिला अमरोहा पहुंचा तो वहां ‘बम-बम भोले’ के जयकारों के साथ उन पर फूलों की बारिश की गई. आइये जानें आखिर क्या है मुस्लिम महिला के इस भक्ति के पीछे का कारण?
भोलेनाथ ने पूरी की मन्नत
तमन्ना मलिक संभल जिले के असमोली थाना क्षेत्र के बदनपुर बेसई गांव की रहने वाली हैं. उन्होंने तीन साल पहले गांव के ही अमन त्यागी से प्रेम विवाह किया था. तमन्ना बताती हैं कि शादी में अड़चनें आ रही थीं, तब उन्होंने भगवान शिव से मन्नत मांगी थी कि अगर उनका निकाह अमन से हो जाता है, तो वह हर साल महाशिवरात्रि पर हरिद्वार से गंगाजल लाकर उनका जलाभिषेक करेंगी. मन्नत पूरी होने के बाद से तमन्ना लगातार अपनी यह प्रतिज्ञा निभा रही हैं.
बुर्के में कांवड़ और भव्य स्वागत
हरिद्वार से गंगाजल लेकर जब तमन्ना अमरोहा के नौगवां सादात और नूरपुर क्षेत्र से गुजरीं, तो नजारा देखने लायक था. बुर्के में कांवड़ लेकर चल रही तमन्ना को देखने के लिए सड़कों पर भीड़ उमड़ पड़ी. हिंदू संगठनों और स्थानीय शिव भक्तों ने उनका भव्य स्वागत किया, फूल-मालाएं पहनाईं और पुष्प वर्षा की. तमन्ना ने भी माथे पर तिलक लगाकर सभी का अभिवादन स्वीकार किया.
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सुरक्षा में काफिला रवाना
मुस्लिम महिला द्वारा कांवड़ लाने और बुर्के में यात्रा करने को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. अमरोहा पुलिस ने शनिवार को भारी सुरक्षा बल की मौजूदगी में तमन्ना मलिक के जत्थे को संभल जिले की सीमा में प्रवेश कराया. तमन्ना अपने पति अमन त्यागी, परिवार के अन्य सदस्यों और सैकड़ों कांवड़ियों के जत्थे के साथ चल रही हैं. वे कल महाशिवरात्रि के अवसर पर अपने गांव के पास स्थित क्षेमनाथ तीर्थ धाम या स्थानीय शिव मंदिर में जलाभिषेक कर अपनी मन्नत पूरी करेंगी.
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