Akshaya Tritiya Ka Panchang: आज वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि यानी अक्षय तृतीया का पावन पर्व है. शास्त्रों में इस दिन को ‘अबूझ मुहूर्त’ माना गया है, जिसका अर्थ है कि आज किसी भी शुभ कार्य के लिए पंचांग (Aaj Ka Panchang) देखने की आवश्यकता नहीं होती. विशेष बात यह है कि आज सुबह त्रिपुष्कर योग का भी अद्भुत संयोग बन रहा है, जिसमें किया गया कोई भी शुभ कार्य या निवेश तीन गुना फल प्रदान करता है. रवि योग और आयुष्मान योग की उपस्थिति इस दिन की शुभता को और बढ़ा रही है.
अक्षय तृतीया तिथि और शुभ संयोग(Akshaya Tritiya 2026)
आज सुबह 10:49 बजे तक द्वितीया तिथि रहेगी, जिसके बाद तृतीया तिथि का आरंभ होगा. इसी समय से अक्षय तृतीया का महापर्व शुरू हो जाएगा. नक्षत्रों की बात करें तो सुबह 07:10 बजे तक भरणी नक्षत्र है और उसके बाद कृत्तिका नक्षत्र प्रारंभ होगा. आज रात 08:02 बजे तक आयुष्मान योग रहेगा, जो स्वास्थ्य के लिए उत्तम है, इसके बाद सौभाग्य योग की शुरुआत होगी जो वैवाहिक और मांगलिक कार्यों के लिए श्रेष्ठ माना जाता है.
खरीदारी और निवेश के लिए श्रेष्ठ मुहूर्त(Aaj Ka Panchang)
अक्षय तृतीया पर सोना, चांदी या वाहन खरीदना अत्यंत शुभ होता है. आज त्रिपुष्कर योग सुबह 07:10 बजे से 10:49 बजे तक रहेगा, जो निवेश के लिए सबसे शक्तिशाली समय है. इसके अलावा दिन के अन्य प्रमुख शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:
अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:55 बजे से दोपहर 12:46 बजे तक.
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:30 बजे से 03:22 बजे तक.
गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:48 बजे से 07:10 बजे तक.
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:23 बजे से 05:08 बजे तक (स्नान-दान के लिए).
ग्रहों की स्थिति: चंद्रमा और शुक्र का राशि परिवर्तन
आज ग्रहों की स्थिति में बड़ा फेरबदल होने जा रहा है जो आर्थिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है. दोपहर 12:31 बजे तक चंद्रमा मेष राशि में रहेंगे, जिसके बाद वे अपनी उच्च राशि वृषभ में प्रवेश करेंगे. दोपहर 03:00 बजे ऐश्वर्य के देवता शुक्र भी वृषभ राशि में चले जाएंगे. ग्रहों का यह गोचर व्यापारियों और निवेश करने वालों के लिए लाभ के नए द्वार खोलेगा. गुरु इस समय मिथुन में और शनि-मंगल की युति मीन राशि में बनी हुई है.
सावधान: राहुकाल और अशुभ समय
शुभ कार्यों के बीच कुछ समय ऐसा भी है जब नई शुरुआत या यात्रा से बचना चाहिए. आज दिशा शूल पश्चिम दिशा में है, इसलिए इस दिशा में यात्रा न करें. प्रमुख अशुभ समय इस प्रकार हैं:
राहुकाल: शाम 05:12 बजे से शाम 06:49 बजे तक (इस दौरान बड़ी खरीदारी से बचें).
यमगण्ड: दोपहर 12:20 बजे से 01:58 बजे तक.
दुर्मुहूर्त: शाम 05:05 बजे से 05:57 बजे तक.
अग्निवास: आज सुबह 10:49 बजे तक अग्निवास पृथ्वी पर है, जो हवन-अनुष्ठान के लिए श्रेष्ठ है.
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-भारत एक्सप्रेस
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