जन्माष्टमी पर जरूर करें ये उपाय
Janmashtami 2026 Upay: जन्माष्टमी का पावन पर्व इस साल बेहद खास संयोग के साथ आया है. पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है, जिसे लेकर देश भर के मंदिरों और घरों में उत्साह देखने को मिल रहा है. इस दिन लड्डू गोपाल को रिझाने और उनकी कृपा पाने के लिए भक्त कई तरह के जतन करते हैं. अगर आप भी चाहते हैं कि आपके घर में हमेशा सुख-शांति बनी रहे और मां लक्ष्मी की कृपा बरसती रहे, तो तुलसी की मंजरी से जुड़े कुछ बेहद आसान और चमत्कारी उपाय आपके लिए बड़े काम के साबित हो सकते हैं.
तिजोरी और पर विराजेंगी मां लक्ष्मी
अगर लाख कोशिशों के बाद भी पैसों की तंगी आपका पीछा नहीं छोड़ रही है, तो जन्माष्टमी की पूजा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण को तुलसी की मंजरी जरूर अर्पित करें. इसके अगले दिन यानी पूजा के बाद इस मंजरी को एक साफ लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी या उस जगह रख दें जहां आप पैसे संभाल कर रखते हैं. इतना ही नहीं थोड़ी सी मंजरी अपने पर्स में भी रख सकते हैं. मान्यता है कि ऐसा करने से धन से जुड़ी समस्याएं दूर होने लगती हैं.
जब आप मंजरी को तिजोरी में रखें, तो इस मंत्र का जाप जरूर करें:
‘तुलसी श्रीर्महालक्ष्मीर्विद्याविद्या यशस्विनी।
धर्म्या धर्मानना देवी देवीदेवमन: प्रिया।।
लभते सुतरां भक्तिमन्ते विष्णुपदं लभेत्।
तुलसी भूर्महालक्ष्मी: पद्मिनी श्रीर्हरप्रिया।।
नकारात्मकता होगी दूर, घर में आएगी बरकत
जन्माष्टमी के खास मौके पर घर की नेगेटिविटी यानी नकारात्मक ऊर्जा को भगाने का भी एक अचूक तरीका है. इसके लिए थोड़ा सा गंगाजल लें और उसमें तुलसी की मंजरी मिला लें. अब इस जल का छिड़काव पूरे घर में कर दें. ऐसा करने से घर का माहौल खुशनुमा बनता है और पॉजिटिव एनर्जी का संचार होता है. इसके अलावा अगर आर्थिक संकट ज्यादा गहरा है तो जन्माष्टमी के दिन स्नान करने के बाद दूध और तुलसी की मंजरी से भगवान विष्णु का अभिषेक करें. इससे धीरे-धीरे धन लाभ के योग बनने लगते हैं.
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मंजरी तोड़ने के कुछ जरूरी नियम
बता दें कि तुलसी को बेहद पवित्र माना गया है इसलिए मंजरी तोड़ते और इस्तेमाल करते वक्त कुछ नियमों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है. सबसे पहली बात तो यह है कि रविवार और एकादशी के दिन भूलकर भी तुलसी के पत्ते या मंजरी न तोड़ें. इसके अलावा शाम ढलने के बाद भी तुलसी को छूना वर्जित है. मंजरी हरी हो या सूख चुकी हो, दोनों का इस्तेमाल किया जा सकता है लेकिन इसे कभी भी नाखूनों से खींचकर न तोड़ें. साथ ही इस बात का खास ख्याल रखें कि जमीन पर गिरी हुई मंजरी कभी भी भगवान को अर्पित न करें.
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