Bharat Express DD Free Dish

आस्था

आज कार्तिक मास के पवित्र सोमवार को ग्रहों की स्थिति सकारात्मक परिणाम देने वाली है. कुछ राशियों को करियर में तरक्की मिलेगी तो कुछ को आर्थिक लाभ के संकेत हैं. पढ़ें आज का राशिफल.

आज का पंचांग 03 नवंबर 2025: कार्तिक मास की त्रयोदशी तिथि आज विशेष रूप से शुभ मानी गई है. सुबह 6:38 पर सूर्योदय और शाम 5:30 पर सूर्यास्त होगा. ग्रहों की स्थिति सामान्य है और दिन पूजा-पाठ व धार्मिक कार्यों के लिए उत्तम रहेगा.

सपने केवल नींद में आने वाले दृश्य नहीं होते, ये हमारे अंदर की वो बावनाएं होती है, जो हम छुपा कर रखते है. सपनों में अक्सर हमको वहीं दिखता है, जो हम विचार करते है, जिनसे हम डरते है.

2 नवंबर 2025, रविवार का दिन सूर्यदेव की कृपा पाने और सफलता के नए द्वार खोलने वाला है. आज द्वादशी तिथि और धनिष्ठा नक्षत्र का संयोग आत्मविश्वास, भाग्य और कर्मफल को बढ़ा रहा है. आइए जानें कैसा रहेगा आज का राशिफल.

2 नवंबर 2025 का पंचांग धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है. आज कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र और सिद्धि योग का संयोग बन रहा है. सूर्य देव की उपासना और भगवान विष्णु की आराधना से आत्मबल, सम्मान और सौभाग्य की प्राप्ति होती है.

आज का दिन अत्यंत शुभ और धार्मिक ऊर्जाओं से भरा है क्योंकि यह देवउठनी एकादशी का पावन अवसर है. भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं और सभी मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है. तुलसी विवाह का विशेष महत्व है. जानिए 12 राशियों के लिए आज का राशिफल.

आज 1 नवंबर 2025 को देवउठनी एकादशी (प्रबोधिनी एकादशी) मनाई जा रही है. इस दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं और सभी मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है. तुलसी विवाह का भी आज विशेष योग बन रहा है. जानिए आज का शुभ मुहूर्त, दिशा शूल और पूजा-व्रत का महत्व.

देवउठनी एकादशी 2025 का दिन अत्यंत शुभ माना गया है. इस दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं और चार महीने से रुके सभी मांगलिक कार्य शुरू होते हैं. शास्त्रों के अनुसार, कुछ विशेष उपाय करने से धन, वैभव और सौभाग्य प्राप्त होता है.

24 एकादशियों में सबसे शुभ माने जाने वाली देवउठनी एकादशी इस बार 1 नवंबर 2025, शनिवार को है. इस दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागेंगे, हालांकि, ज्‍योतिषियों का कहना है कि शनि का साया भी रहेगा, ऐसे में कुछ गलतियों से बचें!

देश में भगवान सूर्य के कई मंदिहैं, जहां भक्त अपनी मनोकामना लेकर जाते हैं. सूर्य भगवान की पूजा करने से जीवन में उन्नति होती है और शत्रुओं का नाश होता है. कहा जाता है कि भगवान शिव से लड़ाई में भगवान सूर्य के 12 टुकड़े हो गए थे.