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आस्था

आचार्य लोकेश मुनि और धीरेंद्र शास्त्री ने दिल्ली में सनातन हिंदू एकता पदयात्रा के जरिए हिंदू समाज में एकता और भाईचारे का संदेश दिया. उनकी यह यात्रा दिल्ली से वृंदावन तक जाएगी, जिससे समाज में अहिंसा और सेवाभाव को बढ़ावा मिलेगा.

Onam 2025: ओणम केरल का सबसे बड़ा और प्रमुख त्योहार है, जो फसल उत्सव के रूप में हर साल अगस्त–सितंबर में मनाया जाता है. यह पर्व राजा महाबली की स्मृति और भगवान वामन की कथा से जुड़ा हुआ है. ऐसे में चलिए हम आपको इस पर्व की कहानी और धार्मिक महत्व के बारे में बताते हैं.

जानें आज की तिथि, नक्षत्र, योग, राहुकाल, शुभ-अशुभ मुहूर्त, दिशा शूल और सूर्य-चंद्रमा से जुड़ी खास बातें. धार्मिक कार्यों, व्रत-उपवास और यात्रा के लिए यह जानकारी बेहद महत्वपूर्ण है.

आज प्रदोष व्रत का विशेष योग है और साथ ही दक्षिण भारत में धूमधाम से ओणम पर्व भी मनाया जाएगा. धार्मिक दृष्टि से यह दिन बहुत शुभ है क्योंकि त्रयोदशी तिथि को भगवान शिव की उपासना और व्रत करने का विशेष महत्व माना जाता है.

Sanatan hindu ekta yatra : बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 7 नवंबर से दिल्ली से वृंदावन तक 170 किलोमीटर की पदयात्रा निकालेंगे

भाद्रपद शुक्ल द्वादशी का दिन है. इस दिन वामन जयंती मनाई जा रही है. सूर्य सिंह राशि में और चंद्रमा मकर राशि में गोचर कर रहे हैं. राहुकाल, अभिजीत और अमृतकाल सहित आज के शुभ-अशुभ मुहूर्त और दिशा-शूल की जानकारी यहाँ पढ़ें.

आज भाद्रपद शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है। धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से यह दिन बेहद महत्वपूर्ण है. जानें 12 राशियों के लिए दिन का भाग्यफल, मेष से मीन तक किसे मिलेगा लाभ और किसे रखनी होगी सावधानी.

भाद्रपद शुक्ल पक्ष की एकादशी को परिवर्तिनी या पार्श्वा एकादशी कहा जाता है. यह दिन व्रत, ध्यान और दान-पुण्य के लिए शुभ है. जानें राहुकाल, अमृत काल, ब्रह्म मुहूर्त, सूर्योदय-सूर्यास्त, चंद्र-नक्षत्र और आज की दिशा शूल.

भाद्रपद शुक्ल पक्ष एकादशी का आज का दिन आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद शुभ है. व्रत-पूजा के साथ-साथ आज का राशिफल भी जीवन के हर क्षेत्र में मार्गदर्शन करेगा. करियर, धन, रिश्ते और स्वास्थ्य पर क्या होगा असर, जानें अपनी राशि का हाल.

Parivartini Ekadashi 2025: भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष की परिवर्तिनी एकादशी भगवान विष्णु के करवट बदलने का दिन है. 3 सितंबर 2025 को आयुष्मान, सौभाग्य और रवि योग में पड़ने वाली इस एकादशी पर व्रत-पूजन करने से विवाह में आ रही रुकावटें दूर होती हैं.