अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) आने वाले समय में एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय (ODI) क्रिकेट के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है. आईसीसी की क्रिकेट समिति की सिफारिशों के अनुसार, वनडे मुकाबलों में वर्तमान में लागू “दो नई गेंदों” के नियम में बदलाव किया जा सकता है ताकि गेंदबाजों को रिवर्स स्विंग का अधिक अवसर मिल सके. साथ ही टेस्ट क्रिकेट में धीमे ओवर रेट की समस्या से निपटने के लिए एक नई ‘ओवर क्लॉक’ सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है.
वनडे क्रिकेट में दो नई गेंदों के नियम में बदलाव
2011 में दो नई गेंदों का नियम लागू होने के बाद से क्रिकेट जगत में इसे लेकर निरंतर चर्चा चलती रही है. मौजूदा नियमों के तहत, प्रत्येक छोर से एक नई गेंद का उपयोग होता है, जिससे प्रत्येक गेंद अधिकतम 25 ओवर तक ही पुरानी हो पाती है. इस वजह से गेंद उतनी पुरानी नहीं होती कि तेज गेंदबाज रिवर्स स्विंग का इस्तेमाल कर सके, जो कि एक समय में डेथ ओवर्स का सबसे बड़ा हथियार माना जाता था.
अब सौरव गांगुली की अध्यक्षता वाली क्रिकेट समिति ने इस मुद्दे पर अपना सुझाव दिया है. समिति के अनुसार गेंदबाजी टीम दो नई गेंदों से पारी की शुरुआत कर सकती है, लेकिन 25 ओवर पूरे होने के बाद केवल एक ही गेंद का इस्तेमाल किया जाएगा. गेंदबाजी टीम को यह अधिकार होगा कि वह दोनों में से किसी एक गेंद को चुने और आगे के ओवर उसी से कराए.
क्रिकेट समिति ने इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करते हुए अतीत के आंकड़ों और परिस्थितियों का विश्लेषण किया. पहले सफेद गेंदें 35वें ओवर तक काफी खराब हो जाती थीं, जिससे अंपायरों को उन्हें बदलना पड़ता था. इसी कारण दो नई गेंदों वाला नियम लाया गया. लेकिन प्रस्तावित नियम में, चुनी गई एक गेंद अधिकतम 37-38 ओवर पुरानी होगी, जिससे यह अपेक्षाकृत स्थिर भी रहेगी और रिवर्स स्विंग के योग्य भी. इस सुझाव पर जिम्बाब्वे में चल रही आईसीसी की बैठक के दौरान होने की संभावना है.
टेस्ट मैचों में ओवर रेट सुधारने के लिए ‘घड़ी’ का प्रस्ताव
आईसीसी की समिति टेस्ट क्रिकेट में ओवर रेट में सुधार लाने के लिए तकनीकी साधनों का सहारा लेने पर विचार कर रही है. इसके तहत, प्रस्ताव है कि हर ओवर के बीच अधिकतम 60 सेकंड का समय निर्धारित किया जाए और इसकी निगरानी एक डिजिटल क्लॉक के माध्यम से की जाए.
वाइट बॉल फॉर्मेट यानी T20 और ODI में पहले से ही इस घड़ी की प्रणाली अपनाई गई है, जिससे ओवर गति में काफी सुधार हुआ है. अब इस प्रयोग को टेस्ट क्रिकेट में लागू कर एक दिन में 90 ओवर पूरे कराने की योजना पर काम हो रहा है.
अंडर-19 पुरुष विश्व कप में संभावित बदलाव
इसके साथ ही आईसीसी जूनियर क्रिकेट में भी बड़े बदलाव की दिशा में बढ़ रही है. वर्तमान में पुरुषों का अंडर-19 विश्व कप 50 ओवर के फॉर्मेट में होता है, जबकि महिलाओं के अंडर-19 विश्व कप को पहले से ही टी20 फॉर्मेट में आयोजित किया जा रहा है. 2023 में दक्षिण अफ्रीका और 2025 में मलेशिया में हुए महिला अंडर-19 वर्ल्ड कप दोनों ही टी20 फॉर्मेट में हुए थे.
अब विचार किया जा रहा है कि पुरुष अंडर-19 विश्व कप को भी इस शॉर्टर फॉर्मेट में बदल दिया जाए. हालांकि, यह बदलाव जल्दबाजी में लागू नहीं होगा और अगर स्वीकार किया गया, तो यह 2028 से शुरू होने वाले अगले ब्रॉडकास्टिंग साइकिल में लागू होगा.
ये भी पढ़ें- IPL 2025: कोहली ने आईपीएल में रच दिया इतिहास, 1001 चौके-छक्के लगाकर बना दिया ‘विराट रिकॉर्ड’,
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

