FIFA World Cup 2026 जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे कई दिलचस्प मुकाबले भी देखने को मिल रहे हैं. लेकिन मैदान पर टीमों की टक्कर के अलावा एक और जंग है, जिस पर दुनियाभर के फुटबॉल फैंस की नजर टिकी हुई है. यह मुकाबला है अर्जेंटीना के दिग्गज लियोनेल मेसी और फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बाप्पे के बीच. दोनों खिलाड़ी वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने के रिकॉर्ड और मौजूदा टूर्नामेंट के गोल्डन बूट की दौड़ में आमने-सामने हैं.
100वें इंटरनेशनल मैच में चमके एम्बाप्पे
फ्रांस ने अपने हालिया मुकाबले में इराक को 3-0 से हराया. इस जीत के हीरो टीम के कप्तान किलियन एम्बाप्पे रहे, जिन्होंने दो शानदार गोल दागे. खास बात यह रही कि यह उनके इंटरनेशनल करियर का 100वां मैच था और उन्होंने इसे यादगार बना दिया.
इन दो गोलों के साथ एम्बाप्पे ने वर्ल्ड कप इतिहास में अपने कुल गोलों की संख्या 16 तक पहुंचा दी. इसके साथ ही उन्होंने जर्मनी के महान स्ट्राइकर मिरोस्लाव क्लोज के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली. अब इस सूची में उनसे आगे सिर्फ एक नाम है, लियोनेल मेसी.
मेसी अब भी सबसे आगे
अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी ने हाल ही में ऑस्ट्रिया के खिलाफ दो गोल दागकर क्लोज के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया था. मेसी के नाम अब वर्ल्ड कप इतिहास में 18 गोल दर्ज हैं, जो किसी भी खिलाड़ी द्वारा बनाए गए सबसे ज्यादा गोल हैं.
हालांकि यह बढ़त फिलहाल सिर्फ दो गोल की है. ऐसे में एम्बाप्पे जिस शानदार फॉर्म में नजर आ रहे हैं, उसे देखते हुए मेसी का रिकॉर्ड पूरी तरह सुरक्षित नहीं कहा जा सकता. अगर फ्रांसीसी स्टार आने वाले मैचों में अपनी लय बरकरार रखते हैं, तो वह जल्द ही मेसी के आंकड़े तक पहुंच सकते हैं.
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गोल्डन बूट की रेस भी हुई दिलचस्प
सिर्फ ऑल-टाइम रिकॉर्ड ही नहीं, बल्कि मौजूदा वर्ल्ड कप के गोल्डन बूट की लड़ाई भी इन दोनों सितारों के बीच सिमटती दिखाई दे रही है. मेसी फिलहाल 5 गोल के साथ इस रेस में आगे हैं, जबकि एम्बाप्पे 4 गोल के साथ उनके ठीक पीछे मौजूद हैं.
टूर्नामेंट के आगे बढ़ने के साथ यह मुकाबला और रोमांचक हो सकता है. दोनों खिलाड़ी अपनी-अपनी टीमों के सबसे बड़े मैच विनर हैं और हर मुकाबले में गोल करने की क्षमता रखते हैं.
उम्र का फर्क भी बना चर्चा का विषय
38 वर्षीय मेसी के लिए यह आखिरी वर्ल्ड कप माना जा रहा है. ऐसे में उनके पास अपने रिकॉर्ड को और मजबूत करने का सीमित मौका है. दूसरी ओर 27 साल के एम्बाप्पे के सामने लंबा करियर पड़ा है और भविष्य में भी कई वर्ल्ड कप खेलने की संभावना है. यही वजह है कि भले ही एम्बाप्पे इस टूर्नामेंट में मेसी का रिकॉर्ड न तोड़ पाएं, लेकिन आने वाले वर्षों में उनके पास इतिहास रचने के पर्याप्त अवसर होंगे.
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-भारत एक्सप्रेस
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