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‘हर आंसू की बूंद में गोल्ड…’, पीएम मोदी ने मीराबाई चानू से कही दिल छू लेने वाली बात

पीएम मोदी ने मीराबाई चानू से मुलाकात के दौरान उनके भावुक होने पर दिल छू लेने वाली बात कही. जानिए 3 गोल्ड मेडल, संघर्ष और पेरिस ओलंपिक के बाद की उनकी कहानी.

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने आवास पर मुलाकात की. इस दौरान खिलाड़ियों की मेहनत, संघर्ष और शानदार प्रदर्शन की जमकर तारीफ हुई. खास तौर पर वेटलिफ्टर मीराबाई चानू से पीएम मोदी की बातचीत ने सबका ध्यान खींचा. चानू ने ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार तीसरी बार गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है.

‘हर आंसू की बूंद में गोल्ड मेडल’

मीराबाई चानू गोल्ड मेडल जीतने के बाद पोडियम पर काफी भावुक हो गई थीं. मेडल लेते समय उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े थे. प्रधानमंत्री मोदी ने इसी पल का जिक्र करते हुए मीराबाई से पूछा कि वह इतनी भावुक क्यों हो गई थीं. जिसके बाद उन्होंने कहा, “इतने आंसू टपक रहे थे कि मुझे लगता था कि हर आंसू की बूंद से गोल्ड मेडल टपक रहा है.”

पीएम मोदी की इस बात पर मीराबाई ने अपने संघर्ष की कहानी साझा की. उन्होंने बताया कि गोल्ड जीतने के बाद वह खुशी के साथ-साथ पुराने दर्द और संघर्ष को याद करके भावुक हो गई थीं. मीराबाई ने कहा कि पेरिस ओलंपिक में उनका मेडल महज एक किलो के अंतर से रह गया था. इसके बाद के चार साल उनके लिए आसान नहीं रहे.

चोट और पारिवारिक परेशानियों के बीच जारी रखा संघर्ष

मीराबाई ने बताया कि इन चार वर्षों के दौरान उन्हें लगातार चोटों से जूझना पड़ा. इसके अलावा परिवार में भी कई तरह की परेशानियां चल रही थीं. एक खिलाड़ी के लिए इस तरह की परिस्थितियों के बीच खुद को संभालकर रखना और लगातार मेहनत करना आसान नहीं होता.


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उन्होंने कहा कि जब वह ग्लासगो में पोडियम पर खड़ी थीं और भारत का राष्ट्रगान बजा, तो वह अपनी भावनाओं को रोक नहीं सकीं. ऊपर उठते तिरंगे को देखकर उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े. मीराबाई का यह प्रदर्शन इसलिए भी खास है क्योंकि वह लगातार तीन कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली दुनिया की पहली वेटलिफ्टर बन गई हैं. उन्होंने 48 किलोग्राम वर्ग में कुल 190 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया.

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी शानदार रहा. भारत ने प्रतियोगिता में कुल 39 पदक जीते, जिसमें 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे.

-भारत एक्सप्रेस



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