भारतीय तेज गेंदबाज Mohammed Shami इन दिनों टीम इंडिया से बाहर हैं और उनका नाम 2025 एशिया कप की टीम में भी शामिल नहीं किया गया. इस फैसले से शमी काफी निराश दिखे और उन्होंने खुलकर अपनी नाराज़गी जाहिर की.
टीम इंडिया ने इस बार एशिया कप के लिए पाँच गेंदबाज़ चुने हैं, जिनमें जसप्रीत बुमराह की अगुवाई में तीन पेसर मौजूद हैं. लेकिन शमी न सिर्फ 15 सदस्यीय स्क्वॉड से बाहर रहे बल्कि रिज़र्व खिलाड़ियों में भी उनका नाम नहीं आया.
वापसी की कोशिशों के बावजूद बाहर
शमी ने इस साल इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू टी20 सीरीज़ से वापसी की थी. 2022 वर्ल्ड कप के बाद यह उनकी पहली टी20 उपस्थिति थी. हालाँकि, आईपीएल 2025 का सीज़न उनके लिए खराब रहा. सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से खेलते हुए उन्होंने नौ मैचों में सिर्फ छह विकेट लिए और उनकी इकॉनमी रेट 11 से ऊपर रही. कई मैचों में उन्हें बेंच पर भी बैठना पड़ा.
इसके बाद टेस्ट टीम से भी उन्हें फिटनेस कारणों से बाहर कर दिया गया. ऐसे में एशिया कप से बाहर होना उनके लिए और बड़ा झटका रहा.
“अगर पाँच दिन खेल सकता हूँ तो टी20 क्यों नहीं?”
राजकोट में मीडिया से बात करते हुए शमी ने साफ कहा कि वे चयन को लेकर शिकायत नहीं करते, लेकिन उन्हें समझ नहीं आता कि जब वह दलीप ट्रॉफी खेलने के लिए फिट हैं तो फिर टी20 क्रिकेट के लिए कैसे फिट नहीं हैं.
उन्होंने कहा, “मैं किसी पर दोष नहीं डालता. अगर मैं टीम के लिए सही हूँ तो चुनें, नहीं हूँ तो न चुनें. लेकिन अगर मैं पाँच दिन का क्रिकेट खेल सकता हूँ, तो फिर टी20 क्यों नहीं?”
अपने संन्यास पर बोले Mohammed Shami
शमी ने अपने क्रिकेट संन्यास को लेकर फैल रही चर्चाओं को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने साफ कहा है कि अभी वो संन्यास लेने के बारे में सोच भी नहीं रहे है. शमी ने कह कि उन्में अभी बहुत क्रिकेट बाकी है. वे घरेलू क्रिकेट खेलकर कड़ी मेहनत करना चाहते हैं और भारतीय टीम में वापसी करके साल 2027 में वनडे वर्ल्ड कप जीतने में टीम की मदद करना चाहते हैं.
इस दौरान मोहम्मद शमी ने कहा- “अगर किसा को परेशानी है तो मुझे बताएं कि क्या मेरे संन्यास से उनकी जिंदगी अच्छी हो जाएगी.. मुझे बताएं कि मैं किसकी लाइफ में पत्थर बन रहा हूं, जो आप चाहते हैं कि मैं संन्यास ले लूं.. जिस दिन बोर हो जाऊंगा मैं खलना छोड़ दूंगा..”
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वापसी उम्मीदें अब कम रह गईं
35 साल के शमी ने यह भी माना कि उन्हें अब भारत की टीम में वापसी की ज़्यादा उम्मीद नहीं है. उन्होंने कहा कि चयन उनके हाथ में नहीं है, उनका काम है कड़ी मेहनत करना और मौका मिलने पर 100 प्रतिशत देना. उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में उन्होंने बेंगलुरु में ब्रोंको फिटनेस टेस्ट पास कर लिया है और खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
बता दें कि अब शमी दलीप ट्रॉफी में उतरेंगे और वहीं अपने प्रदर्शन से फिटनेस और फॉर्म साबित करने की कोशिश करेंगे. उनका लक्ष्य वेस्टइंडीज के खिलाफ आने वाली घरेलू टेस्ट सीरीज पर भी होगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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