अहोई अष्टमी पर पढ़ें साहूकारनी और स्याहू माता की यह चमत्कारिक पौराणिक कथा, संतान पर कभी नहीं आएगा कोई संकट
अहोई अष्टमी का व्रत संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी जीवन की कामना से रखा जाता है. इस दिन माताएं निर्जला उपवास रखकर अहोई माता की पूजा करती हैं और संतान की खुशहाली के लिए व्रत कथा सुनती हैं.







