भारत की प्रौद्योगिकी और रक्षा में टेक्नोलॉजी: वैश्विक पटल पर एक शक्ति के रूप में उभर रहा है देश
भारत ने रक्षा, अंतरिक्ष, और तकनीकी क्षेत्रों में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की है. मोदी सरकार के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भर बन रहा है, और वैश्विक पटल पर अपनी स्थिति सुदृढ़ कर रहा है.
रेल विकास को मिली रफ्तार: तिरुपति-पकाला-काटपाड़ी रेल लाइन दोहरीकरण परियोजना को मिली मंजूरी
सरकार ने ₹1,332 करोड़ की लागत से तिरुपति–पकाला–काटपाड़ी रेल लाइन दोहरीकरण को मंजूरी दी है. इस परियोजना से यात्रियों और माल ढुलाई दोनों को लाभ मिलेगा.
Budget 2025: कृषि, MSME, निवेश और निर्यात को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला विकासोन्मुखी रोडमैप
कृषि, MSME, पर्यटन, नवाचार और निर्यात को बढ़ावा देकर सरकार ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने की ओर बढ़ रही है. यह बजट बल्कि दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता की नींव भी रखता है.
थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स और मझगांव डॉकयार्ड लिमिटेड की संयुक्त बोली को रक्षा मंत्रालय ने दी मंजूरी, P75(I) प्रोजेक्ट के लिए आगे बढ़ी प्रक्रिया
P75(I) प्रोजेक्ट के तहत थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स और मझगांव डॉकयार्ड लिमिटेड की साझेदारी में छह आधुनिक पारंपरिक पनडुब्बियों का निर्माण किया जाएगा, जो भारतीय नौसेना की क्षमता और आत्मनिर्भरता को मजबूत करेगा.
Unlocking Potential: पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्री की ओर भारत के बढ़ते कदम, जानें क्या हैं संभावनाएं
Atmanirbhar Bharat News: भारत के पेट्रोकेमिकल उद्योग में निवेश और सुधार की आवश्यकता है, ताकि देश को आत्मनिर्भर बनाया जा सके. सुधारों से घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सफलता मिलेगी.
देशी-विदेशी एयरलाइनों ने 2024 के जनवरी से नवंबर तक 6.45 करोड़ अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को कराया सफर
International Flights: भारतीय और विदेशी एयरलाइनों ने 2024 के जनवरी-नवंबर में 6.45 करोड़ अंतरराष्ट्रीय यात्री ढोए, जो 11.4% की वृद्धि दर्शाता है, और घरेलू यात्रियों में भी 5.9% का इज़ाफा हुआ है.
Year Ender 2024: मिशन दिव्यास्त्र से लेकर प्रीडेटर ड्रोन तक, इस साल रक्षा क्षेत्र में ये रहीं भारत की उपलब्धियां
भारत के रक्षा क्षेत्र के लिए ये साल बेहद महत्वपूर्ण रहा. अमेरिका के साथ लंबे समय से प्रतीक्षित प्रीडेटर ड्रोन सौदे पर भारत ने हस्ताक्षर किए और वडोदरा में अत्याधुनिक टाटा-एयरबस सी-295 संयंत्र का उद्घाटन किया, जो देश का पहला निजी सैन्य विमान संयंत्र है.
PM नरेंद्र मोदी ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ के अपने दृष्टिकोण को दोहराया
पीएम मोदी ने विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई कई पहलों के साथ अपने मेक इन इंडिया दृष्टिकोण को दोहराया है





