Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

Ayurveda

Ayurvedic Solution for Digestion, Skin, and Detox: आरोग्यवर्धिनी वटी एक आयुर्वेदिक औषधि है, जो पाचन, मोटापा, त्वचा रोग और लीवर की समस्याओं में लाभकारी है और शरीर को अंदर से डिटॉक्स करके ताकत देती है.

Muskmelon Kheer Benefits: गर्मियों में खरबूजे की खीर लोगों की पसंदीदा डिश बनती जा रही है, जो स्वाद के साथ शरीर को ठंडक भी देती है. खरबूजे में मौजूद पानी, विटामिन और फाइबर शरीर को हाइड्रेट रखने, पाचन सुधारने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं.

Raynaud's disease symptoms: अक्सर हमारे हाथ-पैर थंड़े और सुन्न पड़ जाते है, जिसे हम बहुत हल्के में लेते है. लेकिन यह छोटी सी दिखने वाली समस्या असल में हमारे खराब स्वास्थ्य का बड़ा संकेत हो सकती है. क्योंकि यह सीधे तौर पर आपके रक्त संचार और पाचन तंत्र से जुड़ा मामला है.

Ayurveda Alert: भोजन के साथ फल न खाएं! आयुर्वेद कहता है कि इससे पाचन बिगड़ता है, गैस और अम्लता होती है. फल अलग समय पर खाएं.

Nadi Pariksha Workshop: रोग निदान एवं विकृति विज्ञान (आरएनवीवी) विभाग, अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए), नई दिल्ली की ओर से बुधवार को संस्थान परिसर में नाड़ी परीक्षा विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया.

तनाव और ओवरथिंकिंग से परेशान हैं? आयुर्वेद की तीन महाऔषधियां ब्राह्मी, अश्वगंधा और शंखपुष्पी का मिश्रण मानसिक थकान दूर करने और एकाग्रता बढ़ाने में बेहद प्रभावी है. जानें इनके फायदे और सेवन का सही तरीका.

Sesame Seeds Bone Health: तिल चाहे काले हों या सफेद, दोनों ही सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं. आयुर्वेद में तिल को बल्य यानी ताकत बढ़ाने वाला और स्निग्ध यानी शरीर को पोषण देने वाला कहा गया है. आयुर्वेद में तिल को रोजमर्रा के भोजन का हिस्सा बनाने की सलाह दी जाती है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित डब्ल्यूएचओ के पारंपरिक चिकित्सा पर दूसरे वैश्विक शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भारत पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के संगम के लिए एक मजबूत वैश्विक मंच बनकर उभरा है.

शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए NCERT ने कक्षा 6 से 8 तक की साइंस की पुस्तकों में आयुर्वेद से संबंधित नए अध्याय जोड़े हैं।.

फैटी लिवर एक आम लेकिन गंभीर समस्या है, जो अक्सर बिना लक्षण के धीरे-धीरे बढ़ती है और लिवर को नुकसान पहुंचा सकती है. आयुर्वेद में इसे यकृत-मेदोरोग कहा गया है.