Bharat Express DD Free Dish

Lifestyle: क्या भोजन के साथ फल खाना सही है? जानें क्या कहता है आयुर्वेद

Ayurveda Alert: भोजन के साथ फल न खाएं! आयुर्वेद कहता है कि इससे पाचन बिगड़ता है, गैस और अम्लता होती है. फल अलग समय पर खाएं.

भोजन के साथ फल खाना आयुर्वेद में

फल

आजकल शादी-ब्याह, पार्टी या होटल में खाने के बाद या साथ में फल परोसना बहुत आम हो गया है. बच्चे से लेकर बड़े-बुजुर्ग तक बिना सोचे फल खा लेते हैं. लेकिन आयुर्वेद में इसे सही नहीं माना जाता है. भोजन के साथ फल खाने से पाचन बिगड़ सकता है और कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं.

भोजन और फल का अलग पाचन समय

आयुर्वेद के अनुसार दाल, रोटी, चावल और सब्जी जैसे पके हुए भोजन को पचने में ज्यादा समय लगता है. वहीं फल मुलायम और हल्के होते हैं, ये जल्दी पच जाते हैं. जब दोनों को एक साथ खाया जाता है तो फल पहले पचने लगते हैं और भोजन पीछे रह जाता है. इससे पेट में खाना सड़ने लगता है. फल भोजन के साथ मिलकर किण्वन (fermentation) कर सकते हैं, जिससे गैस, ब्लोटिंग और अपच की समस्या बढ़ जाती है.

Taste Of Fruits

आयुर्वेद में विरुद्ध आहार की बात

आयुर्वेद में इसे विरुद्ध आहार कहते हैं. विरुद्ध आहार मतलब गलत संयोजन वाला खाना. चारक संहिता जैसे ग्रंथों में बताया गया है कि गलत कॉम्बिनेशन से पाचन अग्नि (digestive fire) कमजोर हो जाती है और शरीर में आम (toxins) बनने लगते हैं. इससे कब्ज, अम्लता, भारीपन और लंबे समय में कई रोग हो सकते हैं. फल और दूध या दही का साथ भी विरुद्ध आहार है. इससे त्वचा की समस्या, एलर्जी या सर्दी-खांसी बढ़ सकती है.

होटल और पार्टी में परोसे फल का असर

पार्टी या होटल में फल अक्सर ठंडे और स्टोर किए हुए होते हैं. ठंडे फल पाचन अग्नि को और मंद कर देते हैं. नतीजा यह होता है कि खाया हुआ भोजन अच्छी तरह नहीं पचता और शरीर को पूरा पोषण नहीं मिल पाता. आयुर्वेद कहता है कि भोजन सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि विज्ञान है. समय, मात्रा और सही संयोजन तीनों जरूरी हैं.

Fruits For Winter

फल खाने का सही समय और तरीका

फल खाने के लिए सुबह और शाम का समय सबसे अच्छा है. सुबह खाली पेट फल खा सकते हैं, लेकिन खट्टे फल जैसे नींबू, संतरा से बचें क्योंकि ये गैस और जलन बढ़ा सकते हैं. मीठे फल जैसे केला, सेब, पपीता या आम बेहतर विकल्प हैं. शाम को सूरज ढलने से पहले फल लें. फल खाने के बाद कम से कम एक घंटा भोजन न करें ताकि फल अच्छी तरह पच जाएं.

दूध या दही के साथ फल न खाएं

आयुर्वेद में फल और दूध को साथ खाना मना है. यह कॉम्बिनेशन शरीर में विषाक्त पदार्थ पैदा कर सकता है. अगर दूध पीना हो तो फल खाने से पहले या बाद में 1-2 घंटे का अंतर रखें. एक समय में एक ही तरह का फल खाएं ताकि पाचन आसान रहे.

फायदे जब फल अलग खाएं

जब फल को अलग समय पर खाया जाता है तो उसके सारे पोषक तत्व शरीर को मिलते हैं. विटामिन, मिनरल और फाइबर बेहतर तरीके से अवशोषित होते हैं. इससे ऊर्जा बढ़ती है, पाचन मजबूत रहता है और रोगों से बचाव होता है. आधुनिक विज्ञान भी कहता है कि फल तेजी से पचते हैं इसलिए उन्हें अकेले खाना बेहतर है.

आज की भागती हुई जिंदगी में छोटी-छोटी आदतें सेहत बना या बिगाड़ सकती हैं. भोजन और फल को अलग-अलग समय पर खाने की आदत डालें. इससे पेट हल्का रहेगा और शरीर स्वस्थ रहेगा. अगली बार पार्टी में फल देखकर पहले सोचें – क्या यह सही समय है?

कटहल एक फायदे अनेक, दिल से लेकर पेट करता कई बीमारियों का इलाज; Jackfruit Day पर जानें फायदे



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read