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#BJP candidates

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए विदिशा और गुना सीट पर भाजपा उम्मीदवारों के नाम पर पेंच फंस गया है। सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि प्रदेश में भाजपा ने 228 सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं, लेकिन इन दो सीटों को क्यों होल्ड रखा है?

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी उम्मीदवारों की दो लिस्ट जारी कर चुकी है। प्रदेश की 90 में से 85 सीटों पर प्रत्याशी तय कर दिए गए हैं। बीजेपी की दोनों लिस्ट में प्रोफेशनल डिग्रीधारी ज्यादातर नेताओं ने वकालत की पढ़ाई की है।

बीजेपी राजस्थान में जयपुर क्षेत्र की सभी 19 सीटों पर एक खास रणनीति के तहत टिकट बांटने वाली है। भाजपा ने जयपुर शहर की 8 सीटों पर साल 2018 में जिन नेताओं को टिकट दिया था, उनमें से ज्यादातर के टिकट कटने के आसार हैं। जयपुर ग्रामीण की 8 सीटों पर भी पिछली बार के टिकटों को बदला जा सकता है।

राजस्थान में बीजेपी ने पहली ही लिस्ट में 17 मंत्रियों की सीट पर प्रत्याशी उतार दिए हैं। 41 प्रत्याशियों की पहली लिस्ट राजस्थान के जातिगत समीकरणों के इर्द-गिर्द ही नजर आई है। बीजेपी के उम्मीदवारों की सूची आना फिलहाल बाकी है.

मध्यप्रदेश की तर्ज पर बीजेपी राजस्थान में भी सांसदों को चुनाव लड़वाएगी। लेकिन मुश्किल सीटों पर। दिल्ली में केंद्रीय चुनाव समिति और पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक में पहुंचे प्रदेश के सांसदों को विधानसभा चुनाव के लिए तैयार रहने को कहा गया है। साथ ही यह भी कहा है कि वे सेफ सीट की उम्मीद नहीं करें।

छत्तीसगढ़ भाजपा ने प्रत्याशियों की सूची तय कर ली है। इसमें कई तरह के प्रयोग भी किए गए हैं। नए चेहरों को शामिल किया जा रहा है। अभी करीब 50 नामों पर मुहर लग चुकी है। ​​​​​राजनांदगांव से डा. रमन सिंह, लोरमी से अरुण साव, धरसीवां से अनुज शर्मा और बसना से संपत अग्रवाल का नाम लगभग तय माना जा रहा है।

राजस्थान विधानसभा चुनावों को लेकर भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) की बैठक हुई। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह मौजूद रहे। बैठक में बीजेपी की पहली लिस्ट पर चर्चा के बाद अंतिम मुहर लगी। बैठक में 40 से 50 प्रत्याशियों के नाम तय हैं।

महारानी दीया कुमारी को बीजेपी में राजस्थान चुनाव से जुड़ी महत्वपूर्ण भूमिका देने की अटकलें कई साल से लगाई जा रही हैं. पर पीएम मोदी की सभा का संचालन करके वो लाइमलाइट में आ गईं हैं. राजस्थान में क्या चीजें ऐसी हैं जो उनके फेवर में जा सकती हैं? क्या एन चुनाव से पहले उन्हें वसुंधरा राजे का विकल्‍प बनाया जा सकता है?

राजस्थान में सत्ता परिवर्तन होता है और बीजेपी सरकार बनती है तो मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा, इस पर संशय बरकरार है. 20 सालों से बीजेपी का प्रमुख चेहरा रही वसुंधरा राजे की पार्टी में अनदेखी की जा रही है. इसके बाद पीएम की सभा में कुछ ऐसे चेहरे नजर आएं हैं जो प्रदेश में पार्टी का भविष्य हो सकते हैं.

मध्य प्रदेश में आने वाले विधानसभा के चुनावों में आम आदमी पार्टी की ‘एंट्री’ से एक बार फिर क्षेत्रीय दलों और उनके प्रभाव पर बहस छिड़ गई है. मौजूदा राजनीतिक में मध्य प्रदेश की राजनीति में छोटे या क्षेत्रीय दलों का उतना प्रभाव बाक़ी नहीं बचा है जितना किसी समय हुआ करता था.