Urdu Conclave 2026

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मोदी सरकार द्वारा आज संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में 863.1 अरब डॉलर का अब तक का सबसे अधिक निर्यात (एक्सपोर्ट) दर्ज किया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने भारत-ओमान फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को मंजूरी दे दी है, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को मजबूत करना है.

भारत और यूएई के बीच CEPA लागू होने के बाद 2023-24 में व्यापार 14.76% बढ़कर 83.64 अरब डॉलर पहुंच गया, जिसमें गैर-तेल व्यापार और निवेश में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई.

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने मंगलवार (18 फरवरी) को भारत-यूएई व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) के तीन सफल वर्ष पूरे होने पर बताया कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार वित्त वर्ष 2020-21 के 43.3 अरब डॉलर से लगभग दोगुना होकर 2023-24 में 83.7 अरब डॉलर पर पहुंच गया.

भारत-यूएई यूएई के राजदूत अब्दुल नासिर अलशाली ने कहा, "यूएई-भारत संबंध ऐतिहासिक और प्राचीन हैं." उन्होंने कहा कि जब संस्कृति और साथ मिलकर व्यापार करने जैसे पहलुओं की बात आती है तो लोगों के बीच संबंध सैकड़ों साल पहले से हैं.

CEPA: डॉ. थानी अल जायोदी का मानना है कि यूएई-भारत सीईपीए को द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ और कोविड के बाद की अवधि में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के लिए एक मॉडल माना जाएगा.

India-UAE CEPA: यूएई को भारत का निर्यात 26.2 बिलियन डॉलर (मई 2021 - मार्च 2022) से बढ़कर 28.5 बिलियन डॉलर (मई 2022 - मार्च 2023) हो गया, जो 8.5 प्रतिशत की वृद्धि है.