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सुप्रीम कोर्ट के संविधान पीठ ने राष्ट्रपति और राज्यपाल को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है. संविधान पीठ ने अपने फैसले में राष्ट्रपति और राज्यपाल के लिए बिल पर निर्णय के लिए समयसीमा तय नही किया जा सकता है.

न्यायिक अधिकारियों की पद्दोन्नति के मामले में सुप्रीम कोर्ट के संविधान पीठ सुनवाई करेगी. सीजेआई बी आर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ ने मामले को संविधान पीठ के पास भेज दिया है.

सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा अनुच्छेद 143(1) के तहत भेजे गए प्रेसिडेंशियल रेफरेंस पर विस्तृत सुनवाई की रूपरेखा तय कर दी है. कोर्ट 19 अगस्त से 10 सितंबर तक पक्षकारों की दलीलें सुनेगा और प्रारंभिक आपत्तियों पर भी विचार करेगा.

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि खनिज अधिकारों और रॉयल्टी कर विवाद का समाधान निकाला जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट इस मामले में अगली सुनवाई 24 अप्रैल को करेगा, जिसमें राज्यों के कर लगाने के अधिकारों पर चर्चा होगी.

सीजेआई रिटायर होने से पहले कई महत्वपूर्ण फैसले सुनाएंगे, जिसमें अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का अल्पसंख्यक का दर्जा बरकरार रखना चाहिए या नहीं, भी शामिल है.