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Defence News

Public-Private Partnership: भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए टियर-1 प्रणालियों, R&D और निजी-पब्लिक साझेदारी पर ध्यान केंद्रित करना होगा, जिससे वैश्विक नेतृत्व की दिशा में कदम बढ़ाया जा सके.

भारत की रक्षा निर्माण कंपनियां अब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की चुनौतियों से निपटने के लिए डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, साइबर सुरक्षा, वर्कफोर्स स्किलिंग और आत्मनिर्भरता के जरिए खुद को ज्यादा लचीला और आधुनिक बना रही हैं.

भारत लंबे समय से 1.25 लाख करोड़ की लागत से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की तैयारी कर रहा है. वर्तमान में वायुसेना के पास 42.5 की तुलना में 30 लड़ाकू विमान स्क्वाड्रन हैं. इनमें सुखोई और राफेल को छोड़कर बाकी 3-4 दशक पुराने हैं.

भारतीय कैबिनेट ने 63,000 करोड़ रुपए की डील को मंजूरी दी है जिसके तहत भारतीय नौसेना को फ्रांस से 26 राफेल-M फाइटर जेट मिलेंगे.

भारत के रक्षा निर्यात में ऐतिहासिक वृद्धि, 2024-25 में ₹23,622 करोड़ तक पहुंचा. सरकारी और निजी कंपनियों का बड़ा योगदान, 2029 तक ₹50,000 करोड़ का लक्ष्य.

भारत-अमेरिका परमाणु समझौते को 20 साल बाद बड़ी सफलता मिली. अमेरिकी ऊर्जा विभाग ने होल्टेक इंटरनेशनल को भारत में छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) डिजाइन और निर्माण की अनुमति दी.

भारत अपनी स्पेशल फोर्सेज को अत्याधुनिक तकनीक जैसे नैनो ड्रोन, लॉइटर म्यूनिशन, और उन्नत संचार प्रणालियों से सशक्त बना रहा है, जिससे उनकी प्रभावशीलता और सटीकता बढ़ रही है.

Defence News: रक्षा मंत्रालय ने HAL के साथ ₹62,700 करोड़ का अनुबंध किया है, जिसमें भारतीय वायुसेना और सेना के लिए 156 प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) की आपूर्ति शामिल है.

भारत ने "मेक इन इंडिया" पहल के तहत रक्षा उत्पादन में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की है. वित्त वर्ष 2023-24 में उत्पादन ₹1.27 लाख करोड़ और निर्यात ₹21,083 करोड़ तक पहुंच गया.

भारत ने स्वदेशी वर्टिकली-लॉन्च शॉर्ट-रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (VLSRSAM) का सफल परीक्षण किया. DRDO और भारतीय नौसेना द्वारा किया गया यह परीक्षण कम ऊंचाई और नजदीकी लक्ष्य को भेदने की मिसाइल की क्षमता को साबित करता है.