जब टीवी मतलब सिर्फ ‘दूरदर्शन’ हुआ करता था, जानिए कैसे आधी आबादी ने सींचा देश का पहला चैनल
जब हम दूरदर्शन के इतिहास को याद करते हैं, तो हमारे जेहन में कुछ जाने-पहचाने चेहरे और पुरानी सिग्नेचर ट्यून घूम जाती है. लेकिन उस कैमरे के पीछे, उस कंट्रोल रूम की धुंधली रोशनी में और उन भारी-भरकम मशीनों के बीच काम करने वाली महिलाओं का पसीना इस इतिहास का सबसे मजबूत स्तंभ है.
वो काल्पनिक शहर जिसने करोड़ों भारतीयों को अपनापन सिखाया, जानें आर.के. नारायण के ‘स्वामी’ की अनकही कहानी
‘मालगुडी डेज’ सिर्फ एक टीवी धारावाहिक नहीं, बल्कि भारतीय बचपन और सादगी भरी जिंदगी की खूबसूरत याद है. आर.के. नारायण द्वारा रचा गया काल्पनिक कस्बा मालगुडी आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है.
सिर्फ टीवी नहीं, जिंदगी भी हुई थी रंगीन; जानिए भारत में कब और कैसे शुरू हुआ रंगीन टीवी का प्रसारण?
भारतीय टीवी इतिहास में 25 अप्रैल 1982 का दिन बेहद खास माना जाता है, जब दूरदर्शन ने ब्लैक एंड व्हाइट से रंगीन प्रसारण की ओर कदम बढ़ाया.
दूरदर्शन: आधी आबादी की सशक्त गाथा, एक प्रेरणादायी विमर्श
संगीता अग्रवाल की नवीनतम पुस्तक दूरदर्शन: आधी आबादी की सशक्त गाथा (वाणी प्रकाशन, 2025) न केवल भारत के लोक प्रसारक माध्यमों के इतिहास को उजागर करती है, बल्कि उन अदृश्य नायिकाओं की अनकही कहानियों को भी सामने लाती है.
आजादी के 78 साल बाद नक्सल प्रभावित इस गांव में गूंजी दूरदर्शन की आवाज
आजादी के 78 साल बाद पहली बार इस गांव के लोगों ने दूरदर्शन पर देश-दुनिया की खबरें, धारावाहिक और स्थानीय फिल्में देखी. नियद नेल्ला नार गांव पूवर्ती के बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सभी दूरदर्शन के कार्यक्रमों को देखने के लिए घंटों टीवी सेट के पास बैठे रहे.
90 के दशक में दूरदर्शन के इस शो ने बनाया था वर्ल्ड रिकॉर्ड, आई थी इतनी चिट्ठियां कि किराये पर लेना पड़ा था टेंपो
दूरदर्शन पर 90 के दशक में प्रसारित 'सुरभि' भारतीय संस्कृति को समर्पित शो था. 10 साल चले इस शो की पॉपुलैरिटी इस कदर थी कि इसे हफ्ते में 14 लाख पोस्टकार्ड चिट्ठियां मिलती थीं. इस कारण इस शो का नाम लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल है.
हीटवेव की खबर पढ़ते-पढ़ते स्टूडियो में बेहोश हुईं दूरदर्शन की एंकर, फेसबुक पर बताया उस दौरान क्या हुआ
दूरदर्शन न्यूज की एंकर लोपामुद्रा सिन्हा लाइव टेलीकास्ट के दौरान स्टूडियो में बेहोश हो गईं. जब ये घटना हुई तो उस समय लोपामुद्रा मौसम से जुड़ी जानकारी दे रही थीं. उन्होंने इसकी जानकारी फेसबुक पर दी है.
जब सिगरेट पीने के कारण ‘टीवी के राम’ Arun Govil को पड़ी थी डांट, जानिए क्या हुआ था
1980 के दशक में जब रामायण का प्रसारण दूरदर्शन पर हुआ था तब कुछ लोग टीवी के सामने हाथ जोड़े हुए खड़े होकर इसे देखा करते थे. यहां तक कि राम की भूमिका करने वाले अरुण गोविल से मुलाकात करने के दौरान कुछ लोग ‘नमस्ते’ नहीं करते थे, बल्कि उनके पैर छूते थे.
केरल के प्रोफेसर की लाइव शो के दौरान मौत, एंकर ने सवाल पूछा और लुढ़क गई जिंदगी
Kerala Agriculture Expert dies in Doordarshan Live Show Video: केरल के कृषि एक्सपर्ट की दूरदर्शन के लाइव शो के दौरान मौत हर किसी को हैरान कर देने वाली है। हालांकि इस प्रकार अचानक मौत के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।





