Bharat Express DD Free Dish

electoral bond

ADR Report on Political Funding: ADR की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2023-24 में भाजपा को ₹4340.47 करोड़, कांग्रेस को ₹1225.12 करोड़, और AAP को ₹22.68 करोड़ का चंदा मिला.

Electoral Bond Scheme: इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिये कथित लेनदेन की एसआईटी से जांच कराने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 22 जुलाई को सुनवाई करेगा.

Electoral Bond Case: याचिका में चुनावी बॉन्ड के माध्यम से कॉरपोरेट और राजनीतिक दलों के बीच परस्पर साठगांठ की जांच एसआईटी से कराने की मांग की गई है.

Electoral Bond case: मेघा इंजीनियरिंग की सहयोगी कंपनी वेस्टर्न यूपी पावर ट्रांसमिशन की चुनावी बॉन्ड की राशि को भी शामिल कर लिया जाए तो दोनों ने कुल मिलाकर 1,186 रुपये के बॉन्ड खरीदे थे.

राहुल गांधी ने कहा कि "हमारी लड़ाई देश का संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए है. प्रधानमंत्री देश के 3-4 फीसदी लोगों के लिए काम कर रहे हैं.

PM Narendra Modi Interview: भाजपा के यूट्यूब चैनल पर जारी किए गए इंटरव्यू में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जो लोग इलेक्टोरल बाॅन्ड का डेटा सामने आने के बाद हल्ला मचा रहे हैं, उन्हें बाद में अफसोस होगा.

कांग्रेस ने शनिवार को दावा किया कि चुनावी बॉन्ड प्रीपेड रिश्वत और पोस्टपेड रिश्वत का मामला है और इसकी उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच होनी चाहिए.

Electoral Bond योजना साल 2018 में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा पेश किया गया था, जिसे पिछले महीने असंवैधानिक बताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया था.

वर्ष 2022 में एक बार में सबसे अधिक 50 करोड़ के बॉन्ड खरीदे गए. ये कारोबारी लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद, नोएडा, झांसी, सोनभद्र और महोबा सहित करीब 11 जिलों से जुड़े हैं.

‘इलेक्टोरल बांड्स’ पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को एक अच्छी पहल माना जा रहा है। इस आदेश से चुनावों में मिलने वाली सहयोग राशि पर पारदर्शिता दिखाई देगी।