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FDI

India FDI: देश में अप्रैल-अक्टूबर के दौरान नेट एफडीआई 6.2 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले साल 3.3 अरब डॉलर था.

पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज़ (PMS) और अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स (AIFS) के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) सितंबर 2025 तक 31.2 प्रतिशत CAGR की दर से बढ़कर 23.43 लाख करोड़ पहुंच गया है. 

India FDI 2025: इस बार अमेरिका ने 5.61 अरब डॉलर का निवेश कर भारत का सबसे बड़ा FDI स्रोत बनने का गौरव हासिल किया. यह आंकड़ा पिछले साल की पहली तिमाही (1.50 अरब डॉलर) से तीन गुना ज्यादा है.

वित्त वर्ष 2024-25 में भारत में एफडीआई बढ़कर 81 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले तीन वर्षों में सबसे ऊंचा स्तर है. सरकार को उम्मीद है कि आने वाले समय में विदेशी निवेश और बढ़ेगा.

RBI की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में देश की अर्थव्यवस्था का भविष्य उज्ज्वल नजर आ रहा है.

Chinese Investment in India: भारत सरकार चीन से आने वाले एफडीआई प्रस्तावों की सख्त समीक्षा करेगी, जिससे चीनी कंपनियों के निवेश प्रोजेक्ट्स में देरी हो सकती है. यह कदम हालिया सुरक्षा चिंताओं के बीच उठाया गया है.

पाक तनाव और ऑपरेशन सिंदूर के बीच भारत चीनी FDI और ज्वॉइंट वेंचर्स की सख्त जांच करेगा. हायर-JSW जैसे प्रोजेक्ट्स में देरी संभव. चीन का पाक समर्थन और आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई से तनाव बढ़ा.

डेलॉइट इंडिया के अनुसार, भारत ने बीमा, बीमा मध्यस्थों, पर्यटन निर्माण, अस्पतालों और चिकित्सा उपकरणों जैसे प्रमुख क्षेत्रों सहित अधिकांश क्षेत्रों में स्वचालित मार्ग के तहत 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति देकर एक महत्वपूर्ण प्रगति की है.

Banking sector news: Deutsche Bank के सीईओ कौशिक शापारिया ने कहा कि भारत 2030 तक 7 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकता है. इसके लिए समावेशी विकास और संरचनात्मक परिवर्तनों पर ध्यान देना जरूरी है.

उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रिंट मीडिया सहित सूचना और प्रसारण क्षेत्र ने 2024-25 के पहले नौ महीनों के दौरान प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में ₹4,786 करोड़ आकर्षित किए.