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Global Affairs

बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के शासन में लगातार भारत विरोधी कदम उठाये जा रहे हैं. बांग्लादेश के भारत के खिलाफ साजिश रचने का खुलासा पहले भी हुआ है और अब फिर से बांग्लादेश के बदनीयत इरादे खुलकर सामने आ गए हैं. बांग्लादेश की नजर चिकन नेक पर है और तीस्ता प्रोजेक्ट के बहाने बांग्लादेश चीन को चिकन नेक तक पहुंचने का रास्ता दे रहा है और ये बांग्लादेश खुलेआम कर रहा है.

भारत के विदेश मंत्री एस-जयशंकर खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए बांग्लादेश पहुंचे हैं. वैसे तो एस जयशंकर का ये विजिट सांत्वना के लिए औपचारिक है, लेकिन चुनाव के बीच खालिदा जिया के लिए इस समय में एस जयशंकर का ढाका जाना कई मायनों में अहम माना जा रहा है. जयशंकर ऐसे समय में ढाका जा रहे हैं, जब बांग्लादेश और भारत के बीच रिश्तों की कड़वाहट चरम पर है. पिछले एक महीने में दोनों देशों ने एक दूसरे के राजदूत को 2-2 बार तलब किया गया है.

विश्व राजनीति की अशांत मिट्टी पर खड़े संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का नैतिक व संस्थागत आधार आज पहले से कहीं अधिक प्रश्नों से घिरा है। जब युद्ध बढ़ते जा रहे हैं, तब शांति का सबसे बड़ा संरक्षक स्वयं अपनी भूमिका सिद्ध करने में असफल दिख रहा है.संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1945-आधारित संरचना आज की बहुध्रुवीय और संघर्षग्रस्त दुनिया में शांति बनाए रखने में सक्षम नहीं रह गई है.वीटो शक्ति का राजनीतिक दुरुपयोग, अप्रतिनिधिक सदस्यता, कमजोर राजनीतिक निरंतरता, असंगठित शांति अभियानों और बड़े मानवीय संकटों पर निष्क्रियता ने UNSC को कठघरे में खड़ा कर दिया है.

भारत कल यानी 19 नवंबर को म्यांमार के म्यावाडी के एक स्कैम सेंटर से फंसे भारतीयों को रिहा करवाने के बाद IAF के स्पेशल विमान के जरिए अपने 125 नागरिकों को लेकर थाईलैंड से वापस लाया है. इस ऑपरेशन के बाद से देखा जाए तो मार्च से लेकर पिछले 9 महीने में स्कैम सेंटर से रिहा हुए कुल 1,500 भारतीय नागरिकों को थाईलैंड के जरिए भारत वापस लाया गया है. ये लोग नौकरी के चक्कर में वहां गए और रिक्रूटिंग एजेंट्स के झांसे में फंस गए.