जानिए आखिर कौन थे भारतेंदु हरिश्चंद्र, जिनकी रचनाएं आज भी हैं प्रासंगिक?
भारतेंदु हरिश्चंद्र हिंदी साहित्य के उन साहित्यकारों में शामिल हैं, जिन्होंने साहित्य को समाज और देश की चिंताओं से जोड़ा है. 9 सितंबर 1850 को काशी में जन्मे भारतेंदु ने नाटक, कविता, पत्रकारिता और निबंध के माध्यम से अपने समय की सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक समस्याओं को आवाज दी.
साहित्य, संस्कृति और संवेदना के प्रतीक थे ‘कहानी के जादूगर’ चन्द्रधर शर्मा गुलेरी
चन्द्रधर शर्मा गुलेरी, हिंदी साहित्य के 'द्विवेदी युग' के प्रमुख स्तंभों में से एक थे. उन्होंने 'उसने कहा था' जैसी कहानी के माध्यम से आधुनिक हिंदी कहानी की नींव रखी. उनकी विद्वता, भाषाशैली, और लेखन ने उन्हें हिंदी साहित्य के ध्रुव तारा के रूप में स्थापित किया.





