Swami Vivekananda : जब अमेरिकन लड़की ने रखा शादी का प्रस्ताव…तो क्या था स्वामीजी का जवाब ?
हिन्दुस्तान की सरहदों से हज़ारों किलोमीटर दूर अमेरिका के शिकागो में हुए विश्व धर्म सम्मेलन के उपरांत स्वामी विवेकानंद के इस प्रसंग ने हमारी महान संत परंपरा से दुनिया को अवगत कराया. कवि कुमार विश्वास ने वही प्रसंग लोगों को सुनाया -
Swami Vivekanand: शिकागो धर्म संसद में स्वामी जी का दिया वो भाषण जिसने हिन्दू धर्म को विश्व मानचित्र पर स्थापित कर दिया
स्वामी विवेकानंद का शिकागो धर्म संसद में 'वेदांत दर्शन' पर भाषण ने पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया. उन्होंने सहिष्णुता, सार्वभौमिक स्वीकृति और शांति का संदेश दिया, जो आज भी प्रासंगिक है.
Har Har Mahadev: सावन के महीने में कीजिए भगवान शिव की इन प्रतिमाओं के दर्शन, हजारों साल से स्थापित हैं कई मंदिर
Lord Shiva famous statues in india : भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए पवित्र माने जाने वाला सावन का महीना चल रहा है. यदि इन दिनों आप भगवान शिव की विशाल प्रतिमाओं के दर्शन करना चाहते हैं तो यह आलेख पढिए-
हिंदुओं के धैर्य की परीक्षा न लें राहुल गांधी: भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह
सरोजनीनगर विधायक ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा हिंदुओं के बारे में हाल ही में की गई टिप्पणी पर कड़ा विरोध जताया है.
Swami Vivekananda Speech: 131 साल पहले अमेरिका में स्वामीजी ने यह स्पीच देकर जीत लिया था दुनिया का दिल
अमेरिका में सवा सौ साल पहले हुए विश्व धर्म सम्मेलन में भारत के प्रतिभाशाली युवा- स्वामी विवेकानंद के संबोधन ने दुनिया को अध्यात्म और हमारी महान संत परंपरा से अवगत कराया था. आज उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर उनका संबोधन पढि़ए.
रामायण पर आधारित नाटक के मंचन के लिए IIT Bombay ने छात्र पर क्यों लगाया 1.2 लाख रुपये का जुर्माना? क्या है पूरा मामला?
IIT Bombay में बीते मार्च महीने में Raahovan नामक नाटक का मंचन किया गया था, जिसका छात्रों के एक वर्ग ने विरोध किया था.
अब पूरी दुनिया में हो रहा भारतीय संस्कृति का प्रसार-प्रचार, हमारी प्राचीन सभ्यता की तुलना में कोई देश नहीं: VHP नेता
विश्व हिंदू परिषद (VHP) के नेता खगेंद्र भार्गव ने कहा कि भारत का गौरवशाली इतिहास रहा है. हम सैकड़ों बरस पहले भी उन्नत और संपन्न थे. हमारी सभ्यता की तुलना में कोई देश नहीं था.
‘वैकासी ब्रह्मोत्सवम’ में रथ खींचने उमड़ा भक्तों का सैलाब, देखिए श्री वरदराज पेरुमल मंदिर में कैसे मनता है उत्सव
श्री वरदराज पेरुमल मंदिर में 'वैकासी ब्रह्मोत्सवम' उत्सव के अवसर पर विशाल रथ यात्रा निकाली गई. रथ खींचने के लिए हजारों भक्तगण पहुंचे. देखिए तस्वीरें —
14000 फीट ऊपर पहली बार इतनी भीड़: मानसरोवर की तरह आदि कैलाश की बर्फीली वादियों में भोले के दर्शन कर रहे भक्त
आदि कैलाश यात्रा बहुत ही दुर्गम और कठिन होती है, क्योंकि यहां हवा में ऑक्सीजन की कम मात्रा के चलते सांस लेना मुश्किल होता है. यह 14 हजार फीट से भी अधिक ऊंचाई पर है. उत्तराखंड में चार धाम की तरह भक्तों को यहां की यात्रा भी भा रही है —
सनातन संस्कृति: भारत का नया साल प्रारम्भ, समझिए…हिंदू कालगणना के आधार पर कैसे मनाई जाती है वर्ष प्रतिपदा
Varsh Pratipada 2024: भारतीय सनातन संस्कृति पर आधारित कालगणना को विश्व की सबसे प्राचीन पद्धति माना जाता है। दरअसल, भारत में कालचक्र प्रवर्तक भगवान शिव को काल की सबसे बड़ी इकाई के अधिष्ठाता होने के चलते ही उन्हें महाकाल कहा गया।







