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शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उनके पिता प्रणब मुखर्जी के निधन पर सीडब्ल्यूसी की बैठक नहीं बुलाई गई, जबकि पूर्व राष्ट्रपति के लिए यह परंपरा रही थी. उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि कांग्रेस औपचारिक शोक संदेश भेजेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ, और यह राजनीति से प्रेरित था.

प्रधानमंत्री नागरिक सहायता एवं आपातकालीन राहत कोष (पीएम केयर्स फंड) को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है. एक साल में इस फंड में कुल 912 करोड़ रुपये जमा हुए हैं. PM Cares Fund ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान कुल 439 करोड़ खर्च किए.

महाकुंभ मेला में आस्था की शक्ति दिखाने वाली एक विशेष कहानी सामने आई है. आह्वान अखाड़ा के इंद्र गिरी महाराज, जो शारीरिक रूप से चलने-फिरने में असमर्थ हैं और ऑक्सीजन सिलेंडर पर निर्भर हैं, अपनी मजबूत आस्था के बल पर प्रयागराज पहुंचे हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी गणनशेखरन नामक एक फूड वेंडर ने विश्वविद्यालय परिसर में घुसकर 19 वर्षीय छात्रा का यौन शोषण किया और उसके पुरुष मित्र के साथ मारपीट की. मामले की जांच के लिए फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी का गठन किया गया है.

DGCA ने अकासा एयर के ट्रेनिंग निदेशक और संचालन निदेशक को 6 महीने के लिए निलंबित कर दिया है. अकासा एयर के संचालन और ट्रेनिंग से संबंधित गंभीर उल्लंघन पाए गए हैं.

बीपीएससी परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे छात्रों ने कोचिंग संचालकों खान सर और रहमान सर पर आंदोलन को राजनीतिक बनाने का आरोप लगाया, जबकि प्रशांत किशोर ने छात्रों के संघर्ष का समर्थन किया.

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का 92 वर्ष की आयु में दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन हो गया. उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था के सुधारों में महत्वपूर्ण योगदान दिया और 1991 में वित्त मंत्री रहते हुए देश की आर्थिक दिशा बदलने में अहम भूमिका निभाई.

कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में डॉ. मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की गई, और उनके अंतिम संस्कार और स्मारक के लिए उपयुक्त स्थान देने की मांग की गई. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार से इस संबंध में पत्र लिखकर उचित स्थान की अपील की.

Personality Of Dr. Manmohan Singh : देश के मन को मोहने वाले ‘मनमोहन’ चले गए. सभी लोग उनका आदर करते थे. उनके रहने से लगता था घर का एक बड़ा बुजुर्ग निगेहबानी कर रहा है. लेकिन उनके जाने के बाद एक बड़ा वैक्यूम आ गया है.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार द्वारा लाए गए एक अध्यादेश की सार्वजनिक तौर पर कड़ी आलोचना करते हुए उसे "बकवास" करार दिया और फाड़कर फेंक दिया. यह वाकया उस समय विवाद का विषय बन गया था.