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indian economy

1951 में शुरू पहली पंचवर्षीय योजना ने भारत के आर्थिक विकास का आधार बनाया. कृषि, बांध, शिक्षा पर जोर, 3.6% विकास दर हासिल. 12 योजनाओं ने हरित, श्वेत क्रांति लाई. नीति आयोग ने 2017 से नई रणनीति शुरू की.

केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी ने मुंबई में बताया कि भारत का एमएसएमई क्षेत्र देश की जीडीपी में 30.1% का योगदान दे रहा है और अब तक 28 करोड़ लोगों को रोजगार दे चुका है. उद्यम और उद्यम सहायता पोर्टलों के माध्यम से करोड़ों सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम औपचारिक अर्थव्यवस्था से जुड़ रहे हैं.

नीति आयोग ने रिपोर्ट में कहा कि 2030 के लिए विजन यह है कि भारत वैश्विक केमिकल मूल्य श्रृंखला में 5-6 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ वैश्विक केमिकल मैन्युफैक्चरिंग में महाशक्ति बन जाए.

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में भारत की जीडीपी में 7.4% की मजबूत वृद्धि हुई.

उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने कहा कि अमेरिका का डी-ग्लोबलाइजेशन की ओर रुख वैश्वीकरण के एक नए अवतार की ओर जा सकता है और भारत नए 'सेंटर ऑफ ग्रेविटी' में से एक के रूप में उभरने के लिए बेहतर स्थिति में है.

देश में ऑटोमोबाइल सेक्टर 3.7 करोड़ से अधिक नौकरियों के अवसर पैदा करता है और भारत के कुल निर्यात में लगभग 8 प्रतिशत का योगदान देता है.

रिपोर्ट में कहा गया है, "वित्त वर्ष 25 में वास्तविक जीडीपी में 6.5% की वृद्धि हुई, जो दूसरे अग्रिम अनुमानों के अनुरूप है. यह वृद्धि भू-राजनीतिक तनाव और व्यापार अनिश्चितताओं से चिह्नित चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल के बीच हुई."

मॉर्गन स्टेनली के अनुसार, भारत में लगातार सुधार के संकेत दिख रहे हैं. सरकारी खर्च बढ़ रहा है और आरबीआई अधिक सहायक या 'शांत' नीति रुख की ओर बढ़ रहा है. यह, मुद्रास्फीति में कमी के साथ मिलकर शेयर बाजार के लिए अच्छा माहौल बना रहा है.

भारत प्रमुख औद्योगिक जी-7 देशों के बीच भी मजबूती से विकास करना जारी रखेगा. यह जानकारी 'पॉपुलेशन, प्रोडक्टिविटी, पार्टनरशिप: रिथिंकिंग जी7-इंडिया कोलेबरेशन' विषय पर रिपोर्ट को लेकर पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के विश्लेषण में दी गई.

Indian Economy: मई 2025 के मासिक इकोनॉमिक रिव्यू के अनुसार, वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है. घरेलू मांग, निर्यात और ईंधन खपत जैसे संकेतक पॉजिटिव हैं.