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indian economy

शुक्रवार को जारी हुई बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट में कहा गया कि भारत की अर्थव्यवस्था की विकास दर वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में 6.8-7 प्रतिशत के बीच रह सकती है. जबकि पूरे वित्त वर्ष के लिए विकास दर 6.2-6.4 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है.

संयुक्त राष्ट्र की विश्व आर्थिक स्थिति और संभावना, WESP की छमाही रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था मौजूदा वित्त वर्ष में 6.3 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है, जो कि सभी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे ज्यादा है.

थोक महंगाई दर में कमी की वजह खाद्य उत्पादों की कीमतों में कमी आना है. अप्रैल में खाद्य उत्पादों पर थोक महंगाई दर कम होकर 2.55 प्रतिशत रह गई है, जो कि मार्च में 4.66 प्रतिशत पर थी.

मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक चुनौतियों के बावजूद अच्छी स्थिति में है. IMF ने भी अगले दो वर्षों तक भारत को सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बताया है.

भारत मौजूदा समय में दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. जीडीपी में अमेरिका, चीन, जर्मनी और जापान, भारत से आगे हैं. आईएमएफ के अनुमानों के अनुसार, आने वाले वर्षों में भारत जर्मनी को पछाड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भी बन सकता है.

मूडीज ने कहा कि भारत में व्यापक आर्थिक स्थितियां, मजबूत सार्वजनिक निवेश और निजी उपभोग के कारण स्थिर बनी हुई हैं, हालांकि रक्षा खर्च में वृद्धि से राजकोषीय कंसोलिडेशन धीमा होने की संभावना है.

मोदी सरकार ने गन्ने का FRP बढ़ाकर ₹355 प्रति क्विंटल कर दिया है. इससे 5 करोड़ किसानों को लाभ मिलेगा. यह उत्पादन लागत से 105% अधिक है. चीनी मिलों पर सख्ती भी बढ़ेगी.

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि 2047 में देश को आजाद हुए 100 साल हो जाएंगे, 100 साल के बाद देश विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में खड़ा हो, इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत का लक्ष्य निर्धारित किया है.

खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) ने वित्त वर्ष 2023–24 में ₹1.5 लाख करोड़ से अधिक का कारोबार किया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में 10 लाख से अधिक नए रोजगार सृजित हुए.​

वित्त मंत्रालय ने एक प्रेस बयान में कहा कि सरकार ने आर्थिक विकास को बढ़ावा देते हुए मूल्य वृद्धि को रोकने के लिए निरंतर प्रयास किया है. खुदरा मुद्रास्फीति वित्त वर्ष 2025 में छह साल के निचले स्तर 4.6 प्रतिशत पर पहुंच गई.