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भारत की अर्थव्यवस्था के लिए मॉर्गन स्टैनली ने FY26 और FY27 के विकास अनुमान को किया संशोधित, अमेरिका-चीन व्यापार तनाव में कमी बनी वजह

मॉर्गन स्टैनली ने FY26 के लिए भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 6.2% और FY27 के लिए 6.5% कर दिया है.

Prashant Rai Edited by Prashant Rai

वैश्विक वित्तीय सेवा कंपनी मॉर्गन स्टैनली ने बुधवार को भारत की आर्थिक वृद्धि के अनुमान को थोड़ा बढ़ाते हुए वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के लिए GDP ग्रोथ 6.2% और 2026-27 (FY27) के लिए 6.5% कर दिया है. पहले इन वर्षों के लिए क्रमशः 6.1% और 6.3% की वृद्धि का अनुमान था.

रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनावों में हालिया नरमी से वैश्विक मांग के परिदृश्य में थोड़ा सुधार आया है, जो भारत की विकास दर को सहारा देने वाला कारक बना है. मॉर्गन स्टैनली के अनुसार, भारत की विकास यात्रा में घरेलू मांग सबसे अहम भूमिका निभाएगी, खासतौर पर तब जब वैश्विक मोर्चे पर अनिश्चितताएं बनी हुई हैं.

नीतिगत समर्थन और घरेलू मांग बने रहेंगे मुख्य स्तंभ

रिपोर्ट में कहा गया है, “घरेलू मांग की मजबूत स्थिति भारत की वृद्धि को गति देगी, जबकि सरकार की तरफ से नीतिगत समर्थन और निवेश को प्राथमिकता देने वाली वित्तीय नीति से भी आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी.”

मॉर्गन स्टैनली ने यह भी संकेत दिया कि मौद्रिक नीति में और ढील दिए जाने की संभावना है, ताकि मांग को प्रोत्साहन मिल सके.

रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले समय में खपत में सुधार और अधिक व्यापक रूप ले सकता है. शहरी क्षेत्रों में मांग बढ़ेगी जबकि ग्रामीण खपत पहले से ही मजबूत स्थिति में बनी हुई है.

निवेश में भी सकारात्मक रुझान

निवेश के मामले में मॉर्गन स्टैनली का मानना है कि सार्वजनिक और घरेलू पूंजी व्यय (कैपेक्स) अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ा रहे हैं. निजी कॉरपोरेट क्षेत्र में पूंजी निवेश धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ सकता है.

रिपोर्ट में कहा गया, “हम सार्वजनिक और घरेलू निवेश को विकास का मुख्य चालक मानते हैं, जबकि निजी कॉरपोरेट निवेश धीरे-धीरे सुधरने की उम्मीद है.”

मौद्रिक और वित्तीय नीतियों में संतुलन बनाए रखने पर जोर

नीतिगत मोर्चे पर ब्रोकरेज का कहना है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) आगे भी ब्याज दरों में कटौती कर सकता है, खासकर तब जब महंगाई नियंत्रण में है और ग्रोथ थोड़ी धीमी रही है.

साथ ही, बजट में तय किए गए वित्तीय घाटे को कम करने के लक्ष्य के साथ पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) को प्राथमिकता देने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता बनी रहेगी.

भारतीय रिजर्व बैंक ने FY26 के लिए GDP ग्रोथ 6.5% रहने का अनुमान जताया है, जो मॉर्गन स्टैनली के अनुमान से थोड़ा अधिक है.

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-भारत एक्सप्रेस



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