भारत में गैर-खाद्य वस्तुओं पर खर्च बढ़ा, शहरी-ग्रामीण खर्च का अंतर घटा
गैर-खाद्य वस्तुओं पर बढ़ते खर्च और शहरी-ग्रामीण खर्च के अंतर को घटाना इस बात का संकेत है कि भारत के लोग अब अपनी आवश्यकताओं के साथ-साथ अन्य जरूरतों और आराम की चीजों पर भी ध्यान दे रहे हैं. इससे भारतीय अर्थव्यवस्था में स्थिरता और विकास की संभावना और बढ़ेगी.





