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Inflation

भारत में जून 2025 में खुदरा महंगाई दर घटकर 2.1% हुई, जो जनवरी 2019 के बाद सबसे कम है. पीएम मोदी के कार्यकाल में औसत महंगाई 5.1% रही, जो कि यूपीए सरकार के दौरान दर्ज दर 8.1% से कम ही है.

थोक महंगाई दर में कमी की वजह खाद्य उत्पादों की कीमतों में कमी आना है. अप्रैल में खाद्य उत्पादों पर थोक महंगाई दर कम होकर 2.55 प्रतिशत रह गई है, जो कि मार्च में 4.66 प्रतिशत पर थी.

भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना जैसे कदमों के साथ मुद्रास्फीति  (Inflation) को नियंत्रित करने में सफलता प्राप्त की है.

भारत के अवसंरचना उत्पादन में मार्च 2025 में 3.8% की वृद्धि दर्ज की गई, जिसमें स्टील और सीमेंट उत्पादन में विशेष बढ़ोतरी हुई. यह वृद्धि फरवरी 2025 की तुलना में अधिक रही। जानें कैसे विभिन्न क्षेत्रों ने इसे प्रभावित किया.

वित्त मंत्रालय ने एक प्रेस बयान में कहा कि सरकार ने आर्थिक विकास को बढ़ावा देते हुए मूल्य वृद्धि को रोकने के लिए निरंतर प्रयास किया है. खुदरा मुद्रास्फीति वित्त वर्ष 2025 में छह साल के निचले स्तर 4.6 प्रतिशत पर पहुंच गई.

Inflation rate in india: मार्च 2025 में खुदरा महंगाई घटकर 3.34% पर पहुंच गई, जो अगस्त 2019 के बाद सबसे कम है. सब्जियों की कीमतों में गिरावट इसका मुख्य कारण रही.

थोक मुद्रास्फीति, उत्पादक कीमतों का एक प्रमुख मापक है. यह मार्च में वर्ष-दर-वर्ष 2.05% बढ़ी, जबकि फरवरी में यह 2.38% थी.

Central Government Employees DA Hike: केंद्रीय कर्मचारियों को महंगाई भत्ते में 2% की बढ़ोतरी का तोहफा मिला है, जिससे उनकी सैलरी में बढ़ोतरी होगी. यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2025 से लागू होगी.

वित्त वर्ष 2025 में भारत की अर्थव्यवस्था 6.5% की वृद्धि हासिल करने की उम्मीद है. मजबूत निजी खपत, सेवा क्षेत्र की मजबूती और निर्यात वृद्धि ने इस वृद्धि को संभव बनाया है.

फिच रेटिंग्स ने भारत के जीडीपी ग्रोथ अनुमान को FY26 के लिए 6.5% और FY27 के लिए 6.3% पर सुधार किया है, उम्मीद जताई गई है कि पूंजी खर्च में वृद्धि और मुद्रास्फीति में कमी आएगी.