Bharat Express DD Free Dish

INSOLVENCY

22,006 करोड़ रुपये से ज्यादा के कर्ज के मुकाबले महज 6.5 करोड़ रुपये के निपटारे की खबर ने बैंकिंग व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़ा कर दिया हैं.

कंपनी ने एयरलाइन्स पर आरोप लगाया है कि गो फर्स्ट ने सिर्फ अपने कर्जदाताओं को पैसा न देना पड़े इसके लिए इन्सॉल्वंसी के लिए फाइल किया है.

NCLT ने कंपनी के बोर्ड ऑफ डारेक्टर्स को सस्पेंड कर इंटरिम रिज्योल्युशन प्रोशनल्स यानी IRP नियुक्त किया है.

एयरलाइन को बचाने की कवायद तेज हो गई है. nclt में इसी बात पर विचार किया जा रहा है. दरअसल एयरलाइन के पास 6 मई तक कंपनी के साथ 1.9 मिलियन यात्रियों ने बुकिंग की है.