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Iran-Israel War

भारती एयरटेल का बाजार मूल्यांकन 54,055.96 करोड़ रुपए बढ़कर 11,04,469.29 करोड़ रुपए हो गया. एचडीएफसी बैंक का बाजार मूल्यांकन 38,503.91 करोड़ रुपए बढ़कर 15,07,281.79 करोड़ रुपए हो गया.

US Attacks Iran: अमेरिका ने ईरान पर 30 टॉमहॉक मिसाइलें दागी, जिससे कई परमाणु ठिकाने तबाह हो गए। ईरान ने इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया है।

ईरान और इजराइल के बीच चल रही जंग ने अब एक नया मोड़ ले लिया है, क्योंकि अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर इस युद्ध में एंट्री कर ली है! जी हां, अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं, और इसकी पुष्टि खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की है! देखिए वीडियो...

अमेरिका ने B-2 बमवर्षक और टॉमहॉक मिसाइलों से ईरान के फोर्दो, नतांज और इस्फहान परमाणु ठिकानों पर हमला कर भारी तबाही मचाई. ईरानी सेना देखती रह गई. अमेरिका ने दो टूक कहा है- ईरान अब शांत रहे वरना विनाश होगा…

अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने ईरानी परमाणु सुविधाओं पर इजरायली हमलों से परमाणु संदूषण (रेडियोधर्मी और रासायनिक प्रदूषण ) के खतरे की चेतावनी दी है.

ईरान के सुप्रीम कमांडर खुमैनी या खामेनेई का उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से रिश्ता है. उनके पूर्वज भारत के उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से थे. कहा जाता है कि जब वह ईरान में बस गए तो उन्होंने अपने नाम के साथ ‘हिंदी’ उपनाम जोड़ लिया, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि उनकी जड़ें भारत से हैं. वहां के लोग उन्हें “सैयद अहमद मूसवी हिंदी” के नाम से जानने लगे.

पिछले दो वर्षों में दुनिया के कई हिस्सों में जो युद्ध और संघर्ष देखने को मिले, उन्होंने न केवल कूटनीतिक विफलताओं को उजागर किया, बल्कि मानवता के अस्तित्व पर भी प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं.

ईरान और इजरायल में जारी जंग के बीच अभी अमेरिकी सत्‍ता के केंद्र व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले दो सप्ताह में ईरान पर हमला करने का आदेश देंगे या नहीं, इस पर फैसला करेंगे.

Iran Israel War: ऑरोरा इंटेल ग्रुप जो कि ओपन सोर्स सूचना की समीक्षा करता है, ने जानकारी दी है कि ईरान-इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष को लेकर अमेरिका ने रातों रात प्रेस्टविक, स्कॉटलैंड और इटली में मौजूद अपने यूरोपियन ठिकानों पर वायुसेना के इंधन भरने वाले टैंकर और सी-17 यानों को भेजा है.

सिद्धार्थनगर जिले के हल्लौर कस्बे के 17 लोगों में से कुछ धार्मिक शिक्षा के लिए ईरान गए थे, जबकि कुछ जियारत के लिए गए थे. हालांकि, ईरान और इजरायल के बीच युद्ध जैसे हालात और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रद्द होने के कारण सभी लोग भारत वापस नहीं लौट सके हैं.