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भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि की ओर कदम बढ़ाया है. वो एक्सिओम-4 मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा पर रवाना हो चुके हैं. इस मिशन में वो तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों के साथ शामिल हैं. इस मिशन के लिए उन्हें कितना पैसा मिला है, जानने के लिए देखें ये वीडियो.

Axiom-4 Mission: भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला 41 साल बाद अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचे. उड़ान से पहले उन्होंने पत्नी कामना के लिए भावुक नोट लिखा, जिसमें उनके समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया.

ISRO ने एक बयान में कहा, "इसरो, एक्सिओम स्पेस और स्पेसएक्स के बीच एक समन्वय बैठक के दौरान, यह पुष्टि की गई कि फाल्कन 9 प्रक्षेपण यान में पाई गई तरल ऑक्सीजन रिसाव को सफलतापूर्वक हल कर लिया गया है.”

Axiom-4 मिशन में भारत के अलावा पोलैंड और हंगरी के अंतरिक्ष यात्री भी शामिल हैं. शुभांशु शुक्ला को यह अवसर वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान मिला था.

भारत अंतरिक्ष में अपनी रक्षा ताकत को लगातार बढ़ा रहा है. जानिए कैसे NavIC, ASAT और स्पेस टेक्नोलॉजी आधुनिक युद्ध में भारत की चौथी शक्ति बन रहे हैं.

इसरो प्रमुख ने कहा- भारत को सुरक्षित रखने के लिए सैटेलाइट तकनीक बेहद जरूरी है. ये बयान ऐसे समय आया है जब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया गया.

ISRO Recruitment 2025: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने वैज्ञानिक/इंजीनियर पदों पर 63 वैकेंसी के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है. आवेदन 29 अप्रैल 2025 से शुरू, GATE स्कोर और इंटरव्यू के आधार पर होगा चयन...

पूर्व ISRO प्रमुख डॉ. के. कस्तूरीरंगन का 84 वर्ष की आयु में बेंगलुरु में निधन हो गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भारतीय विज्ञान और शिक्षा के क्षेत्र का स्तंभ बताते हुए गहरी श्रद्धांजलि अर्पित की.

इसरो ने स्पैडेक्स मिशन के तहत दूसरी बार दो उपग्रहों की सफल डॉकिंग की. यह पूरी तरह स्वचालित रही और भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए एक बड़ी तकनीकी उपलब्धि साबित हुई.

Shubhanshu shukla Astronaut: शुभांशु शुक्ला Ax-4 मिशन के जरिए मई 2025 में ISS के लिए उड़ान भरेंगे. वे अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय होंगे. गगनयान कार्यक्रम को बढ़ावा मिलेगा.