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भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया है कि नरेंद्र मोदी सरकार के दौरान रोजगार के अवसर नहीं बने हैं. बीजेपी ने दावा किया है कि एनडीए सरकार के दौरान रोजगार के अवसरों में बड़ी वृद्धि हुई है.

Economic Transformation : भारत को भविष्य के कामकाजी कौशलों के क्षेत्र में अमेरिका के बाद दूसरी रैंक प्राप्त हुई है. देश की स्किलिंग पहल ने इसे नए तकनीकी कौशल के लिए तैयार किया है.

भारत में स्टार्टअप की संख्या 2014 में मात्र 400 थी, जो आज बढ़कर 1,57,000 हो गई है. 'स्टार्टअप इंडिया' पहल ने इस बदलाव को संभव बनाया, जिससे देश में रोजगार के अवसर बढ़े और नये उद्योगों का निर्माण हुआ.

Eli Lilly ने हैदराबाद में एक नया ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने की घोषणा की है, जिसमें 1,000 से अधिक कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी. यह कंपनी की डिजिटल रणनीति को धार देगा.

Apple Matching Gifts Program : अमेरिकी कंपनी Apple में काम करने वाले तेलुगू कर्मचारियों को टैक्स चोरी के आरोपों के चलते नौकरी गंवानी पड़ी है. अमेरिकी विभाग ने कहा कि कुल 185 कर्मचारी घोटाले में लिप्त पाए गए.

Employment In India: भारत में 2024-25 में रोजगार सृजन की गति तेज़ी से बढ़ी है. अनौपचारिक और औपचारिक दोनों क्षेत्रों में रोजगार वृद्धि हुई, और बेहतर गुणवत्ता वाले रोजगार में भी सुधार हुआ है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में रोजगार सृजन, कृषि, विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिले हैं. एक डाटा के अनुसार (2014-2024) में 17.9 करोड़ अतिरिक्त रोजगार सृजित हुए हैं.

भारतीय आईटी गिग इकोनॉमी का विस्तार होने के साथ अगले 5-6 वर्षों में 24 मिलियन लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है. यह वृद्धि न केवल तकनीकी क्षेत्रों में, बल्कि बैंक्स, वित्तीय सेवा और टेलिकॉम जैसे गैर-तकनीकी क्षेत्रों में भी होगी.

ASUSE द्वारा पेश किए गए आंकड़े देखकर आपको भी खुशी होगी. आंकड़े यह दर्शाते हैं कि देश में छोटे व्यवसायों का क्षेत्र न केवल रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह डिजिटल परिवर्तन और महिला उद्यमिता के लिए भी एक बड़ा अवसर साबित हो रहा है.

अगले वर्ष 2025 में भारतीय आईटी क्षेत्र के लिए सुधार और वृद्धि का एक सुनहरा मौका दिख रहा है, खासकर AI और डेटा साइंस जैसी विशेषज्ञता के साथ. यहां समझिए कैसे कुछ सकारात्मक बदलाव होंगे.