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2024-25 के दौरान रोजगार सृजन में आई तेजी, भारत की अर्थव्यवस्था में ऐसे हो रहे सकारात्मक बदलाव

Employment In India: भारत में 2024-25 में रोजगार सृजन की गति तेज़ी से बढ़ी है. अनौपचारिक और औपचारिक दोनों क्षेत्रों में रोजगार वृद्धि हुई, और बेहतर गुणवत्ता वाले रोजगार में भी सुधार हुआ है.

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भारत में रोजगार के अवसर बढ़ रहे

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Job Creation in India: भारत की अर्थव्यवस्था में 2023-24 वित्तीय वर्ष के अंत तक 4.67 करोड़ अतिरिक्त रोजगार उत्पन्न हुए हैं, और 2024-25 के पहले छह महीनों में भी रोजगार सृजन की गति में तेजी आई है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, औपचारिक और अनौपचारिक दोनों क्षेत्रों में रोजगार सृजन जारी रहा है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है.

अनौपचारिक क्षेत्र में उछाल

भारत के Unincorporated सेक्टर में अक्टूबर 2023 से सितंबर 2024 तक 10.01 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष के मुकाबले अधिक है. यह वृद्धि “अन्य सेवाओं” क्षेत्र में सबसे अधिक रही, जहां 12 करोड़ से अधिक अतिरिक्त लोग रोजगार में आए. यह अनौपचारिक क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है, जो लाखों लोगों की आजीविका का स्त्रोत है और GDP में अहम योगदान करता है.

औपचारिक क्षेत्र में भी सुधार

औपचारिक क्षेत्र में रोजगार की गुणवत्ता में सुधार देखा गया है. 2024-25 के पहले छह महीनों में, कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) स्कीम में नए पंजीकरण में 2.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिससे 6.1 मिलियन नए कर्मचारी शामिल हुए. कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) में भी वृद्धि दर्ज की गई है, जो दर्शाता है कि अधिक कर्मचारी बेहतर श्रेणी के कार्यों में शामिल हो रहे हैं.

कुल मिलाकर, भारत में रोजगार सृजन की दिशा में सकारात्मक रुझान देखा जा रहा है, और इस क्षेत्र में सुधार की गति भविष्य में भी जारी रहने की उम्मीद है.

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