‘ये जो जलता हुआ इश्क़ है…’ इंदौर कवि सम्मेलन में CMD उपेंद्र राय ने पहली बार पढ़ी शायरी, तालियों से गूंज उठा पूरा सभागार
इंदौर के रवीन्द्र नाट्यगृह में आयोजित कवि सम्मेलन में CMD उपेंद्र राय (CMD Upendrra Rai) ने पहली बार मंच से अपनी शायरी प्रस्तुत की. उनकी नज़्म और ग़ज़ल पर सभागार तालियों से गूंज उठा.
कौन थे हुल्लड़ मुरादाबादी? वो शख्स जिनकी रचनाएं सुनकर लोटपोट हो जाते थे लोग, समाज को भी दिखाया आईना
हुल्लड़ मुरादाबादी, जिनका असली नाम सुशील कुमार चड्ढा था, ने हिंदी साहित्य में हास्य-व्यंग्य की गहरी छाप छोड़ी. उनकी रचनाएं आज भी लोगों को गुदगुदाने के साथ-साथ सोचने पर मजबूर करती हैं.





