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Madhabi Puri Buch

भ्रष्टाचार विरोधी लोकपाल ने बुधवार (28 मई) को हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के आधार पर पूर्व सेबी प्रमुख माधबी पुरी बुच के खिलाफ अनुचित व्यवहार और हितों के टकराव के आरोपों का निपटारा कर दिया.

Indian Administrative Service: केंद्र सरकार ने तुहिन कांत पांडे को अगले तीन साल के लिए SEBI का चेयरमैन नियुक्त किया है. वे माधबी पुरी बुच की जगह लेंगे, जो 28 फरवरी को रिटायर हो रही हैं.

वित्त मंत्रालय को लिखे गए पत्र में शिकायत की गई है कि ‘सेबी के उच्च अधिकारियों द्वारा बैठकों में कर्मचारियों पर चिल्लाना, डांटना और सार्वजनिक रूप से उन्हें अपमानित करना आम बात हो गई है.

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने दावा किया कि माधबी पुरी बुच मार्च 2022 को सेबी की चेयरपर्सन बनीं, लेकिन सेबी चीफ रहते हुए भी वे तीन जगहों से सैलरी ले रहीं थी.

अडानी समूह ने ये भी कहा कि हम समूह के खिलाफ हिंडनबर्ग द्वारा लगाए गए इन सभी आरोपों को पूरी तरह से खारिज करते हैं, जो सिर्फ हमें बदनाम करने वाले दावों की रि-साइक्लिंग है.

सेबी चीफ ने आगे कहा, हम हिंडनबर्ग की ओर से लगाए गए सारे आरोपों को सिरे से खारिज करते हैं. हमारा जीवन एक खुली किताब की तरह है.

Video: 13 March 2024 का दिन भारतीय निवेशकों के लिए काला दिन साबित हुआ है. एक ही दिन में निवेशकों के करीब 14 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए. इसका कारण था SEBI प्रमुख माधबी पुरी बुच का वह बयान, जिसने भारतीय शेयर बाजार में खलबली मचा दी.

हाल ही में SEBI Chief Madhabi Puri Buch ने छोटी और मझोली मिड-कैप कंपनियों के वैल्यूएशन पर बयान दिया था, जिसमें कहा गया था कि इसमें नजर आ रही खामियां Bubbles (बुलबुले) की तरह हैं, जो कभी फूट भी फूट सकते हैं.