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#Medha Patkar

दिल्ली के उप राज्यपाल वीके सक्सेना की ओर से दाखिल आपराधिक मानहानि मामले में दोषी करार दी गई नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर की सजा को चुनौती देने वाली याचिका पर साकेत कोर्ट 2 अप्रैल को फैसला सुनाएगा.

मेधा पाटकर ने साकेत कोर्ट द्वारा नए गवाह को पेश करने की अनुमति न देने के फैसले के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की. हाई कोर्ट ने उपराज्यपाल ऑफिस को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब देने को कहा.

Medha Patkar On LG VK Saxena: साकेत कोर्ट ने नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर को मानहानि के मामले में नए गवाह को पेश करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया. अदालत ने कहा कि यह मांग सुनवाई में देरी करने की मंशा से की गई है, जबकि मामला 24 वर्षों से लंबित है.

सुप्रीम कोर्ट में भूमि अधिग्रहण कानून, 2013 में किए गए राज्यों के संशोधनों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई टल गई. प्रशांत भूषण ने अदालत को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बावजूद राज्य सरकार ने जवाब दाखिल नहीं किया.

दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) वीके सक्सेना द्वारा दायर आपराधिक मानहानि मामले में मेधा पाटकर को 5 महीने की सजा और 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था.

मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट राघव शर्मा ने मेधा पाटकर को 5 महीने की सजा और 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था. जिसके खिलाफ मेधा पाटकर ने अपील दायर की है.

मेधा पाटकर के खिलाफ दिल्ली के वर्तमान उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने वर्ष 2001 में आपराधिक मानहानि का मुकदमा किया था।

पाटकर के खिलाफ दिल्ली के वर्तमान उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने वर्ष 2001 में आपराधिक मानहानि की शिकायत की थी।

सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर के खिलाफ दिल्ली के वर्तमान उपराज्यपाल (LG) वीके सक्सेना ने वर्ष 2001 में आपराधिक मानहानि की शिकायत की थी. उस समय वे अहमदाबाद स्थित NGO नेशनल काउंसिल फॉर सिविल लिबर्टीज के प्रमुख थे.

कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी और मेधा पाटकर की तस्वीरें सामने आने के बाद गुजरात की राजनीति में बवाल मच गया है