Bharat Express DD Free Dish

Minor

रोहिणी कोर्ट ने 2020 में नाबालिग बहन से दुष्कर्म कर उसे गर्भवती करने के दोषी भाई को 20 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई. अदालत ने पीड़िता को 13.50 लाख रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया.

सुप्रीम कोर्ट ने 25 साल बाद ओम प्रकाश को रिहा करने का आदेश दिया, जो 14 साल की उम्र में अपराध करने के बावजूद बालिग मानकर सजा दी गई थी. कोर्ट ने कहा कि उसे न्याय नहीं मिला और उसकी पुनर्वास के लिए राज्य सरकार को उचित कदम उठाने का निर्देश दिया.

बच्चों के खिलाफ अपराधों की जांच करने वाली एफबीआई की विशेष एजेंट एरिका बुओनोकोर द्वारा दायर की गई शिकायत