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moon mission

National Aeronautics and Space Administration: अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा (National Aeronautics and Space Administration) ने आने वाले वर्षों के लिए अपनी नई स्पेस रणनीति के तीन बड़े लक्ष्य तय किए हैं. चांद पर फिर से इंसानों को भेजने की घोषणा की है.

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा (National Aeronautics and Space Administration) ने आने वाले वर्षों के लिए अपनी नई स्पेस रणनीति के तीन बड़े लक्ष्य तय किए हैं. चांद पर फिर से इंसानों को भेजने की घोषणा की है.

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा (National Aeronautics and Space Administration) ने आने वाले वर्षों के लिए अपनी नई स्पेस रणनीति के तीन बड़े लक्ष्य तय किए हैं. चांद पर फिर से इंसानों को भेजने की घोषणा की है.

50 साल बाद मानवता फिर चांद के करीब पहुंची! नासा के आर्टेमिस-2 मिशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्रियों ने 6.9 लाख मील का सफर तय कर प्रशांत महासागर में सफल लैंडिंग की. यह मिशन भविष्य में चंद्रमा पर इंसानी बस्ती बसाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है.

ISRO 2040 तक एक भारतीय को चंद्रमा पर भेजने और उसे सुरक्षित वापस लाने के मिशन पर काम कर रहा है. साथ ही, 2030 तक भारत अपना अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करेगा.

ISRO के अध्यक्ष वी. नारायणन ने बताया कि केंद्र ने चंद्रयान-5 मिशन को मंजूरी दी है, जो भारत और जापान का संयुक्त अभियान होगा, और इस मिशन का रॉवर चंद्रयान-3 से 10 गुना भारी होगा.

मई की शुरूआत में चीन ने अपना चैंग'ई-6 मिशन लॉन्च किया था. उसका मकसद चांद के सबसे दूर वाले हिस्से (जहां अंधेरा होता है) पर जाकर सैंपल इकट्ठे करके वापस धरती पर लाना था, वो मिशन 53 दिन बाद पूरा हो गया है.

Chandrayaan-3 Good News: चंद्रयान-3 मिशन के तहत अंतरिक्ष में भेजा गया प्रोपल्शन मॉड्यूल परमाणु तकनीक से चांद के चारों तरफ चक्कर लगा रहा है. ISRO के वैज्ञानिकों का कहना है कि अब वो केवल 6 महीने नहीं बल्कि कई सालों तक काम कर सकता है. यहां विस्‍तार से जानिए...

Chandrayaan 3: ISRO के वैज्ञानिकों ने चंद्रयान-3 मिशन के तहत लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान के जरिए इतिहास रच दिया था. भारत दुनिया का पहला देश बन गया जो कि चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचा. अब इसे लेकर सरकार ने बड़ा ऐलान किया है. हर साल 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में मनाया जाएगा.

Chandrayaan 3 Mission update: भारत द्वारा 14 जुलाई, 2023 को लॉन्च किया गया चंद्रयान-3 मिशन पहले ही माइलस्टोन हासिल कर चुका है. इसने भारत को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला पहला देश बनाया. अब इसके विक्रम-प्रज्ञान से संपर्क बनाने की तैयारी है.