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Palestine

कुछ दिनों पहले रिहा किए गए बंधकों से मिलने के बाद उन्होंने अपने ट्रुथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा, "सभी बंधकों को अभी रिहा करें, बाद में नहीं और जिन लोगों की आपने हत्या की है, उनके शवों को तुरंत लौटा दें, नहीं तो आपका काम खत्म हो जाएगा.

प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए इजराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा शनिवार और रविवार की आधी रात को जारी एक बयान में कहा गया  कि इजरायल ने मुस्लिम पवित्र महीने रमजान और यहूदी पासोवर की छुट्टी के दौरान गाजा पट्टी में एक अस्थायी युद्धविराम के लिए अमेरिकी प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है.

हमास के 7 अक्टूबर के हमले में 1,210 लोगों की मौत हुई, जिनमें अधिकतर आम नागरिक थे. बंधक बनाए गए 251 लोगों में से 94 अभी भी गाजा में हैं, जिनमें से 34 के बारे में इजरायली सेना का कहना है कि वे मर चुके हैं.

प्रियंका गांधी ने गाजा में इजराइल की कार्रवाई के खिलाफ अपनी आवाज को निरंतर मजबूत किया है. वह इस मुद्दे पर लगातार सक्रिय रही हैं.

भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा, "क्या बैग एक बयान था. उन्होंने बांग्लादेशी हिंदुओं के मुद्दे पर चुप्पी क्यों साध रखी है. यह एक बड़ा सवालिया निशान है. यह भारतीय संसद है. भारतीयों की चिंताओं को उठाने के लिए देश भर से सांसद यहां चुने जाते हैं.

नेतन्याहू के कार्यालय ने एक बयान में कहा कि दोनों नेताओं ने गलियारे में एक ऑब्जर्वेशन प्वाइंट पर परिचालन गतिविधियों के बारे में सैन्य कमांडरों से जानकारी हासिल की और गाजा तट पर कमांडरों के साथ चर्चा की.

कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल अंसारी ने इस बात पर जोर दिया कि दोहा में हमास (Hamas) का कार्यालय काम करता रहेगा. उन्होंने कहा है कि जब तक इस बातचीत को फिर से शुरू करने का फैसला नहीं होता है तब तक ये निलंबित है.

इजरायली डिफेंस फोर्सेज ने अबू साखिल को इस्लामिक जिहाद में ‘एक महत्वपूर्ण शख्स’ बताया, जो गाजा में इजरायली नागरिकों और सैनिकों के खिलाफ हमास के साथ संयुक्त अभियान और हमलों की योजना बनाने के लिए जिम्मेदार था.

भारत और फिलिस्तीन के बीच के रिश्ते ऐतिहासिक और गहरे रहे हैं. 1970 के दशक में, जब यासिर अराफात फिलिस्तीनी मुक्ति संगठन के नेता थे, तब उनके और भारत के बीच के संबंध काफी मजबूत थे.

पीएम मोदी ने फिलिस्तीन के लोगों को निरंतर मानवीय सहायता समेत भारत के अटूट समर्थन की भी पुष्टि की. उन्होंने इजरायल-फिलिस्तीन के मुद्दे पर भारत की समय-परीक्षित सैद्धांतिक स्थिति को दोहराया.