जिस शख्स ने कभी भारत देखा ही नहीं, उसने कैसे तय कर दी देश की तकदीर? जानें रेडक्लिफ लाइन की अनकही कहानी
15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ, लेकिन आजादी के जश्न के ठीक दो दिन बाद सामने आई रेडक्लिफ रेखा ने लाखों लोगों की जिंदगी बदल दी.
जिन्ना के ’14 सूत्र’ और अंग्रेजों का खेल: जानिए कैसे एक मांग धीरे-धीरे बन गई अलग देश ‘पाकिस्तान’
पाकिस्तान का निर्माण 1947 की अचानक घटी घटना नहीं थी. 1857 के गदर, अंग्रेजों की नीति, मुस्लिम लीग के गठन और 1937 के चुनावों ने कैसे भारत विभाजन की जमीन तैयार की, जानिए पूरी कहानी.
जानिए कैसे 1947 के बंटवारे में पाकिस्तान के पास चला गया था भारत का यह सबसे बड़ा पोर्ट?
1947 के विभाजन ने सिर्फ भारत के नक्शे को नहीं बदला, बल्कि देश की आर्थिक और समुद्री ताकत पर भी गहरा असर डाला. जानिए कैसे कराची बंदरगाह ने अखंड भारत की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाई और इसके जाने के बाद भारत ने कांडला और दूसरे बंदरगाहों के जरिए नई राह बनाई.
14-15 अगस्त की रात को ही क्यों मिली आजादी? जानें पूरा सच
देश के ज्यादातर लोग गहरी नींद में हैं, लेकिन दिल्ली में एक ऐसा पल जन्म लेने वाला है, जो आने वाली पीढ़ियों की धड़कनों में हमेशा जिंदा रहेगा. ये वो रात थी, जब सदियों की गुलामी का अंधेरा टूट रहा था और एक नए भारत का सूरज उगने वाला था. जानें 14-15 अगस्त की रात की पूरी सच्चाई.





