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Phoolan Devi

10 अगस्त 1963 को जन्मी फूलन देवी ने शोषण और जातीय भेदभाव के खिलाफ बंदूक और संसद—दोनों से लड़ाई लड़ी. डाकू से सांसद बनने तक का उनका सफर आज भी साहस और बगावत की मिसाल है.

Phoolan Devi: फूलन देवी का जन्म उत्तर प्रदेश के गोरहा के पुरवा गांव में मल्लाह जाति के एक बेहद गरीब परिवार में हुआ. 11 साल की उम्र में उनका विवाह उनसे 29 साल बड़े व्यक्ति से कर दिया गया.

चंबल के बीहड़ों से संसद तक पहुंचने वाली दस्यु सुंदरी फूलन देवी के बारे में कई किताबें लिखी गईं. उनके उपर तमाम बायोपिक डाक्युमेन्ट्री बनीं लेकिन उनके बचपन से जुड़े कई ऐसे रोचक किस्से हैं जिनके बारे में शायद कम ही लोग जानते होंगे.

80 के दशक में फूलन देवी के नाम से चंबल के आसपास के इलाके खौफ खाते थे. बेहमई हत्याकांड में सजा के तौर पर करीब 11 साल जेल में बिताने के बाद वह राजनीति में आईं और दो बार सांसद रही थीं.

संजय निषाद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे. प्रधानमंत्री निचले तबके को आगे बढ़ाने की इच्छा रखते हैं और वह चाहते हैं कि निचले तबके के लोग आगे बढ़ें और विकास करें.

निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मंत्री संजय निषाद ने पूर्व सांसद फूलन देवी की हत्या की सीबीआई जाँच की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है।

Phoolan Devi Case: निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने फूलन देवी की पुण्य तिथि पर समाजवादी पार्टी पोषित माफियाओं से फूलन देवी की संपत्ति को मुक्त करवाकर उनकी माता के नाम किए जाने की मांग को लेकर केंद्र व राज्य सरकार को पत्र लिखा है.