जनऔषधि केन्द्रों से 10 साल में हुई ₹30,000 करोड़ की बचत, 15,000 से ज्यादा केन्द्र खुले; 10 हजार और खोलने की योजना
Modi Government News: जन औषधि केन्द्रों ने 10 वर्षों में नागरिकों को 30,000 करोड़ रुपये की बचत दिलाई. फिलहाल 15,057 केन्द्र संचालित हो रहे. सरकार का 20,000 तक विस्तार करने का लक्ष्य. दवाइयाँ 50-80% सस्ती मिल सकेंगी.
भारत सरकार ने 15,000 जन औषधि केंद्रों का लक्ष्य दो महीने पहले पूरा किया, 20,000 तक विस्तार की योजना
भारत सरकार ने प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (PMBJP) के तहत 15,000 जन औषधि केंद्र (JAKs) स्थापित करने का लक्ष्य जनवरी 2025 में पूरा कर लिया. 28 फरवरी 2025 तक 15,057 केंद्र काम करने लगे हैं.
हर दो घंटे में खुला एक नया जनऔषधि केंद्र, PMBJP योजना से सस्ती दवाओं की पहुंच बढ़ी
मोदी सरकार ने अपनी प्रमुख योजना प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (PMBJP) के तहत बीते वर्ष हर दो घंटे में एक नया फार्मेसी स्टोर खोला, जिससे किफायती दवाएं लोगों तक पहुँच सकें।
भारत के जेनेरिक फार्मेसी मॉडल की दुनिया में धूम, 10 से अधिक देश अपनाने को तैयार
प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना एक जन कल्याणकारी योजना है, जिसे नवंबर 2008 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया गया था.
‘प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र’ खोलने के लिए सरकार देती है पैसा, सस्ती दवा बेचकर आप कर सकते हैं जबरदस्त कमाई
Pradhan Mantri Jan Aushadhi Kendra: मोदी सरकार द्वारा साल 2015 में प्राधनमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना की शुरुआत की गई थी. केंद्र सरकार से 2000 और जन औषधि केंद्र खोलने को मंजूरी मिल गई है.