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‘प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र’ खोलने के लिए सरकार देती है पैसा, सस्ती दवा बेचकर आप कर सकते हैं जबरदस्त कमाई

Pradhan Mantri Jan Aushadhi Kendra: मोदी सरकार द्वारा साल 2015 में प्राधनमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना की शुरुआत की गई थी. केंद्र सरकार से 2000 और जन औषधि केंद्र खोलने को मंजूरी मिल गई है.

Pradhan Mantri Jan Aushadhi Kendra: देश में अब तक नौ हजार चार सौ से अधिक प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोले जा चुके हैं और 2000 और जन औषधि केंद्र खोलने की स्वीकृति दी गई है. इनमें से 1000 जन औषधि केंद्र इस साल अगस्त तक और बाकी दिसंबर तक खुल जाएंगे. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि जन औषधि खोलने से क्या लाभ होगा और कौन इसके लिए पात्र है?

बता दें कि केंद्र सरकार के इस फैसले से पैक्स की आय में इजाफा होगा. रोजगार के अवसर सृजित करने के साथ-साथ लोगों विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सस्ती कीमत पर दवाइयां भी उपलब्ध होंगी. इनमें 1800 तरह की दवाएं और 285 अन्य मेडिकल डिवाइस शामिल हैं. जन औषधि केंद्रों पर ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50 से 90 प्रतिशत कम कीमत पर दवाएं उपलब्ध हैं.

जन औषधि केंद्र कौन खोल सकता है

जन औषधि केंद्र के लिए आवेदन शुल्क 5000 रुपये है. केंद्र खोलने के लिए पात्रता मानदंड के तहत, व्यक्तिगत आवेदकों को डी. फार्मा या बी. फार्मा होना चाहिए. अगर संस्था, एनजीओ, चैरिटेबल संस्था और अस्पताल को केंद्र खोलना है तो वे बी.फार्मा या डी.फार्मा डिग्री धारकों को नियुक्त कर सकते हैं. केंद्र के पास कम से कम 120 वर्ग फुट का अपना या किराए का स्थान होना चाहिए. विशेष श्रेणी और विशेष क्षेत्र के आवेदकों को आवेदन शुल्क से छूट दी गई है.

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प्रोत्साहन राशि कितनी है

प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र के लिए प्रोत्साहन राशि 5 लाख रुपये (मासिक खरीद का 15 प्रतिशत या अधिकतम 15,000 रुपये प्रति माह) है. विशेष श्रेणियों और क्षेत्रों में आईटी और बुनियादी ढांचा व्यय के लिए प्रतिपूर्ति के रूप में 2 लाख रुपये का एकमुश्त अतिरिक्त प्रोत्साहन भी दिया जाता है.

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