रैडक्लिफ की एक लकीर और लाखों जिंदगियों का अंत, जानिए 17 अगस्त को ही क्यों महसूस हुआ था विभाजन का दर्द?
17 अगस्त 1947 को जब भारत और पाकिस्तान की सीमा रेखा सार्वजनिक हुई, तब आजादी की खुशी के बीच लाखों लोगों को अचानक अपनी नई हकीकत का सामना करना पड़ा.
जिस शख्स ने कभी भारत देखा ही नहीं, उसने कैसे तय कर दी देश की तकदीर? जानें रेडक्लिफ लाइन की अनकही कहानी
15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ, लेकिन आजादी के जश्न के ठीक दो दिन बाद सामने आई रेडक्लिफ रेखा ने लाखों लोगों की जिंदगी बदल दी.
नक्शे पर लकीर से नहीं, इंसानी लाशों पर बना पाकिस्तान; जानिए क्या था अंग्रेजों का ‘3 जून प्लान’
3 जून 1947 को ब्रिटिश वायसराय लॉर्ड माउंटबैटन ने भारत के विभाजन की आधिकारिक योजना पेश की थी, जिसे '3 जून प्लान' कहा जाता है. इसी के तहत 15 अगस्त 1947 को भारत और पाकिस्तान के गठन की तारीख तय हुई.





