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India Space Station Mission: सरकार ने संसद में बताया कि भारत का अपना अंतरिक्ष स्टेशन (BAS) 2035 तक तैयार करने का लक्ष्य है. गगनयान मिशन का पहला मानव रहित परीक्षण 2026 में होगा. जानिए पूरी योजना और ताजा अपडेट.

Vikram-1 Launch: स्काईरूट एयरोस्पेस ने श्रीहरिकोटा से भारत का पहला निजी ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 सफलतापूर्वक लॉन्च किया. जानें मिशन आगमन, तकनीक और इसकी खासियत.

Hubble & James Webb Space Telescope: अमेरिकी स्‍पेस एजेंसी NASA ने हबल और जेम्स वेब टेलिस्कोप की मदद से 25 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर खूबसूरत पिनव्हील गैलेक्सी (M101) के केंद्र की एक नई और आश्चर्यजनक तस्वीर साझा की है.

Vikram-I Rocket: भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट 'विक्रम-I' तैयार है. आज PM मोदी ने इसका अनावरण किया. स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा निर्मित यह 26 मीटर ऊंचा रॉकेट 300 किलोग्राम तक के सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष की कक्षा में पहुंचाएगा.

NASA की चुप्पी ने 3I/ATLAS इंटरस्टेलर ऑब्जेक्ट को लेकर अफवाहों को जन्म दिया है. अमेरिकी सरकारी कामकाज बंद होने के कारण NASA ने अपनी वेबसाइट अपडेट भी रोक दी है.

भारतीय एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला ने इंटरनेशनल स्पेस सेंटर के सात विंडो वाली कपोला से पृथ्वी की फोटो लीं. केंद्र सरकार ने X हैंडल पर लिखा 41 साल बाद कोई भारतीय अंतरिक्ष पर प्रतिनिधित्व कर रहा है.

शुभांशु शुक्ला ने Axiom-4 Mission के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर भारत का परचम लहराया. 41 साल बाद कोई भारतीय अंतरिक्ष में गया है. राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, पीएम मोदी और सीएम योगी ने दी शाबासी...

Axiom-4 Mission: भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला 41 साल बाद अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचे. उड़ान से पहले उन्होंने पत्नी कामना के लिए भावुक नोट लिखा, जिसमें उनके समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया.

आज का दिन भारत के अंतरिक्ष इतिहास में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ने जा रहा है. भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की ओर रवाना होने को तैयार हैं. राकेश शर्मा के बाद अब 41 सालों में पहली बार एक और भारतीय अंतरिक्ष में कदम रखने वाला है. शुभांशु शुक्ला अमेरिकी मिशन एक्सिओम-4 के तहत अंतरिक्ष यात्रा करेंगे.

Shubhanshu shukla Astronaut: शुभांशु शुक्ला Ax-4 मिशन के जरिए मई 2025 में ISS के लिए उड़ान भरेंगे. वे अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय होंगे. गगनयान कार्यक्रम को बढ़ावा मिलेगा.