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Stray dogs

Faridabad Dog Attack: फरीदाबाद की मलबेरी काउंटी सोसाइटी में 10 वर्षीय छात्र पर आधा दर्जन आवारा कुत्तों ने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया. बच्चे के शरीर पर 15 से अधिक डॉग बाइट के निशान मिले, 50 टांके लगे और परिवार ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है.

सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों से जुड़े याचिकाओं पर सभी पक्षों की दलीलों के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है. कोर्ट ने राज्यों से लिखित रिपोर्ट मांगी है और एमिकस क्यूरी गौरव अग्रवाल ने एबीसी केंद्रों, डॉग पाउंड्स और हाईवे सुरक्षा से जुड़े सुझाव दिया.

आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. स्कूल, अस्पताल, हाईवे और पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा को लेकर कोर्ट ने राज्यों से कार्रवाई की मांग की है.

आवारा कुत्तों के मामलों की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कई अहम बिंदुओं पर चर्चा की है. कोर्ट ने विशेषज्ञ समिति बनाने और जनता की शिकायतों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया.

Bihar News: नवादा जिला राज्य का पहला जिला बना जहां आवारा कुत्तों की देखभाल, रहने की व्यवस्था और रेबीज-रोधी टीकाकरण के लिए विशेष कार्यक्रम शुरू किया गया है. नगर परिषद ने इसके लिए वाहन, भवन और एजेंसी की व्यवस्था की है.

आवारा कुत्तों से जुड़े मामलों पर सुप्रीम कोर्ट 13 जनवरी को सुनवाई करेगा. वरिष्ठ वकीलों ने विशेषज्ञों की भागीदारी, कुत्तों के वैक्सीनेशन, माइक्रोचिपिंग और समाज में महिलाओं को लेकर की जा रही आपत्तिजनक टिप्पणियों पर चिंता जताई.

सुप्रीम कोर्ट में आवारा कुत्तों से जुड़े मामलों की सुनवाई 9 जनवरी को भी जारी रहेगी. जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन. वी. अंजारिया की पीठ ने एबीसी नियमों के पालन, वैक्सीनेशन, माइक्रोचिपिंग, शेल्टर होम की कमी और प्रशासनिक जिम्मेदारियों पर गंभीर सवाल उठाए.

दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है. अब आवारा कुत्तों को शेल्टर होम में नहीं रखा जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों को शेल्टर होम में रखने के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है. शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में कहा कि जिन भी कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम में रखा गया है, उन्हें छोड़ा जाए.

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में आवारा कुत्तों के मामलों पर सुनवाई करते हुए 22 अगस्त को फैसला सुरक्षित रखा हैं. सुनवाई में बच्चों की सुरक्षा, एबीसी नियमों का पालन और नगर निगमों की जिम्मेदारी पर बहस हुई.