Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

Tahir Hussain

दिल्ली हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को आगामी विधानसभा चुनाव में मुस्तफाबाद निर्वाचन क्षेत्र से ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन पार्टी के सदस्य के रूप में नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए हिरासत पैरोल प्रदान कर दी.

Delhi Police की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने अंतरिम जमानत का विरोध करते हुए कहा कि ताहिर हुसैन जेल में रहते हुए भी नामांकन दाखिल कर सकते है. ऐसे कई उदाहरण है, जहां जेल से नामांकन दाखिल किया गया है.

Tahir Hussain ने कहा है कि उसे अंतरिम जमानत दिया जाए जिससे वह चुनाव लड़ सके. याचिका सुनवाई के लिए जस्टिस नीना बंसल कृष्णा के समक्ष आया, लेकिन समय की कमी के कारण उसपर सुनवाई नहीं हो सकी. अब मामले में 13 जनवरी को सुनवाई होगी.

ताहिर हुसैन ने आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में जमानत की मांग की है, जिसमें उन पर दिल्ली दंगा की साजिश रचने और दंगे भड़काने के आरोप हैं.

याचिका में कहा है कि उसे इसी अदालत ने 30 मार्च को जमानत देने से इनकार कर दिया था. इसके बाद अब नौ महीने हो गए हैं. उन्होंने कहा है कि उसका नाम प्राथमिकी में नहीं है. सह आरोपियों के बयान के आधार पर उसे आरोपी बनाया गया है.

दिल्ली में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सभी दल अपने प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर रहे हैं. इसी क्रम में ओवैसी की पार्टी ने दिल्ली दंगों के आरोपी ताहिर हुसैन को चुनावी मैदान में उतार दिया है.

दिल्ली हाईकोर्ट ने 2020 दिल्ली दंगा मामले में आप के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को राहत देते हुए एक एफआईआर को रद्द कर दिया. कोर्ट ने कहा कि यह एफआईआर पहले से दर्ज एक ही घटना का हिस्सा है और इसे पूरक चार्जशीट के रूप में माना जाए.

आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्सद ताहिर हुसैन और कई अन्य पर ​2020 के उत्तर-पूर्व दिल्ली दंगा मामले में गैरकानूनी गतिविधि निवारण अधिनियम (UAPA) के तहत आरोप लगाए गए हैं.

अदालत ने कहा कि इसमें उनकी भूमिका दूरस्थ प्रकृति की है और वह पहले ही तीन साल से अधिक का समय हिरासत में बिता चुके हैं.

दिल्ली दंगे के आरोपी पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले अपने खिलाफ दर्ज एफआई को रद्द करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी. ईडी ने याचिका के सुनवाई योग्य नहीं होने की बात कही है.