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UCC

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि समान नागरिक संहिता समाज में समान अधिकार लाने के साथ ही जिम्मेदारियों को सुनिश्चित करेगा.

उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर सियासी घमासान जारी है. यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं.

प्रधानमंत्री का यह दौरा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा भाजपा का घोषणापत्र जारी करने के एक दिन बाद हो रहा है.

याचिका केरल की सफिया पीएम नाम की एक महिला की ओर से दायर की गई है. सफिया ने याचिका में मांग की है कि मुस्लिम परिवार में जन्म लेने के बावजूद जो मुस्लिम पर्सनल लॉ का पालन नहीं करना चाहते हैं उनपर भारतीय उत्तराधिकार एक्ट 1925 लागू होना चाहिए.

सीएम पुष्कर सिंह धामी कहा कि हमने चुनाव से पहले वादा किया था की सरकार बनाने के बाद हम यूसीसी लाएंगे. विधानसभा से पास होने और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मंजूरी मिलने के बाद इसे अब राज्य में लागू किया जाएगा.

कमाल फारुकी ने कहा, यूनिफॉर्म सिविल कोड संविधान का हिस्सा नहीं है, इसलिए ये हमें स्वीकार नहीं है. संविधान हमें अपने धर्म का अनुसरण करने की पूरी आजादी देता है.

देश में उत्तराखंड में सबसे पहले समान नागरिक संहिता (UCC) लागू किया गया था. तेलंगाना में एक रैली को संबोधित करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि यहां से निकली UCC की गंगा पूरे देश में बहेगी.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मध्य प्रदेश में गुना लोकसभा सीट के आने वाले पिपरई क्षेत्र में एक रैली को संबोधित किया. यहां से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं.

Lok Sabha Election 2024 Amit Shah On UCC: गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि दुनिया में कई देश ऐसे हैं जहां पर शरिया कानून का पालन नहीं किया जाता है.

मुस्लिम समुदाय के एक प्रमुख संगठन जमात-ए-इस्लामी हिंद का मानना है कि असम की सरकार के फैसले से मुस्लिम विवाहों के विनियमन और दस्तावेज़ीकरण की कमी हो जाएगी। मुसलमानों को विवाह का पंजीकरण बाधित होगा। औरतों को खतरों का सामना करना पड़ सकता है।