Bharat Express DD Free Dish

UP elections 2027

2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि अगर विपक्षी दल बीजेपी को लगातार तीसरी बार सत्ता में आने से रोकना चाहते हैं, तो उन्हें AIMIM से बातचीत करनी होगी क्योंकि कोई भी पार्टी अकेले बीजेपी को नहीं हरा सकती.

OP Rajbhar news: यूपी मंत्री ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी पर हमला तेज करते हुए शिवपाल यादव को 'शिशुपाल' कहा और अखिलेश यादव को चाचा को भजन सिखाने की नसीहत दी.

UP Elections 2027: यूपी की राजनीति में हलचल तेज. ओपी राजभर ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट हो सकती है और बागी सांसदों का नेतृत्व 'बागी भूमि' का एक नेता करेगा. अखिलेश यादव ने आरोपों पर पलटवार किया.

Dinesh Sharma: उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने दावा किया है कि साल 2027 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी प्रदेश में दो-तिहाई से अधिक बहुमत के साथ सरकार बनाएगी. पश्चिम बंगाल की तरह यूपी में भी भाजपा बड़ी जीत दर्ज करेगी.

Akhilesh Yadav Press Conference: उत्तर प्रदेश चुनाव 2027 को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बड़ा दांव खेला है. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में वादा किया कि मुख्यमंत्री बनते ही वे 90 दिनों के भीतर 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण के विवाद को सुलझाएंगे और अपने PDA फॉर्मूले के तहत राज्य में जातीय जनगणना कराएंगे.

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस ने अपनी रणनीति को तेज कर दिया है। पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में यूपी इकाई संगठन और चुनावी तैयारियों पर जोर दे रही है। 2026 के पंचायत चुनाव को मजबूत आधार बनाने के लिए कांग्रेस अकेले लड़ेगी और इसके बाद 2027 में विधानसभा चुनाव में उसी आधार पर उम्मीदवार तय करेगी। पार्टी समाजवादी पार्टी के साथ इंडिया अलायंस में चुनाव लड़ेगी और सभी 403 सीटों पर तैयारी कर रही है। प्रियंका गांधी की निर्णायक भूमिका गठबंधन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति को प्रभावी बनाने में अहम साबित होगी।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में स्मारक, पार्क और विशाल मूर्तियां अब सिर्फ पत्थर नहीं, बल्कि सत्ता की पहचान बन गए हैं। बसपा ने दलित प्रतीकों और भव्य मूर्तियों से अपनी विरासत गढ़ी, एसपी ने समाजवादी नेताओं के नाम पर पार्क बनाकर विकास और समाजवाद का संदेश दिया, और अब बीजेपी राष्ट्रवादी प्रेरणा स्थलों के जरिए अपनी विचारधारा को मजबूत करने में लगी है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि 2027 चुनावों से पहले यह प्रतीकात्मक राजनीति और तेज होगी। सवाल यह है कि क्या ये स्मारक जनता के जीवन में विकास लाएंगे या सिर्फ राजनीतिक संदेश बनकर रह जाएंगे?